lucknow: 47 करोड़ की लागत से LMC बनवाएगी लक्ष्मण की 111 फीट प्रतिमा, जानिए इसके पीछे की मंशा
लखनऊ, 19 सितंबर: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का काम जोरों पर चल रहा है वहीं दूसरी ओर अब लखनऊ में भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण की मूति लगाने की कवायद लखनऊ नगर निगम ने शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि 111 फीट ऊंची प्रतिमा लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही ये मामला सीएम योगी के सामने उठाया जाएगा। दरअसल कुछ महीने पहले ही लखनऊ का नाम बदलकर लक्ष्मणपुरी करने की कवायद शुरू की गई थी। हालांकि विरोध के बाद यह मामला शांत हो गया था लेकिन लखनऊ नगर निगम ने लक्ष्मण की प्रतिमा के लिए धन आवंटित कर इस मामले को और हवा दे दी है।

111 फीट की होगी लक्ष्मण की प्रतिमा
लखनऊ नगर निगम (LMC) की कार्यकारी समिति ने रविवार को एक अहम बैठक कर लखनऊ में 111 फीट लक्ष्मण प्रतिमा परियोजना के लिए 47.11 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी। एलएमसी के अधिकारियों ने कहा कि कुल राशि में से 15.20 करोड़ रुपये प्रतिमा पर खर्च किए जाने हैं, जबकि 29.21 करोड़ रुपये प्रतिमा के आसपास के स्थान को विकसित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं, जिस पर प्रतिमा लगाई जाएगी और एक संग्रहालय होगा।

प्रतिमा के आसपास बनेगा एक हरा भरा पार्क
अधिकारियों ने कहा कि बाकी राशि एक बगीचे के विकास और मूर्ति के चारों ओर अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों पर खर्च की जानी है, जिसे गोमती नदी के तट पर प्रस्तावित किया गया है। एलएमसी ने 6 जून को एक पत्र के माध्यम से सिंचाई विभाग से एनओसी मांगी थी। हालांकि, एनओसी नहीं मिली है क्योंकि विभाग ने कहा है कि एलएमसी जिस जगह पर मूर्ति स्थापित करना चाहती थी वह बाढ़ क्षेत्र था। कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि एनओसी में देरी करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न करने के लिए जाने जाते हैं।

मुख्यमंत्री के सामने उठेगा परियोजना में देरी का मुद्दा
रविवार को एलएमसी की कार्यकारिणी समिति ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। एलएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि एलएमसी की कार्यकारी समिति ने अब लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया को परियोजना में देरी के मुद्दे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाने का काम सौंपा है। एलएमसी के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने कहा, "छह जून को सिंचाई विभाग को इसकी एनओसी के लिए एक पत्र भेजा गया था, लेकिन कई महीनों के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है।"

लक्ष्मण की प्रतिमा लगाने के लिए नहीं मिली एनओसी
कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, सत्यप्रिया ने कहा कि, "निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाना है। मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि फिलहाल एलएमसी को भगवान लक्ष्मण की प्रतिमा की स्थापना के लिए एनओसी नहीं दी गई है। 3 फरवरी 1992 के शासनादेश के अनुसार, जिस स्थान पर नदी के किनारे और सीमांत तटबंधों का निर्माण किया जाता है, दोनों तटबंधों के बीच की दूरी को बाढ़ क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जाता है और इन क्षेत्रों में कोई भी निर्माण निषिद्ध है।

झूलेलाल वाटिका में लगनी है लक्ष्मण की मूर्ति
एलएमसी ने पहले गोमती के तट पर झूलेलाल वाटिका के पास भगवान लक्ष्मण की मूर्ति की स्थापना को मंजूरी दी थी। उसने लक्ष्मण टीला के सामने मूर्ति स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा था, लेकिन कुछ मुस्लिम पार्षदों की आपत्तियों के कारण वहाँ टीले वाली मस्जिद की उपस्थिति के कारण यह प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया था। हालांकि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान भी यह मामला काफी गरमाया था लेकिन तब अखिलेश ने इस परियोजना को मंजूरी देने से मना कर दिया था।












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