Loksabha Election 2024 : BJP की पसमांदा रणनीति को धार देंगे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तारिक मंसूर
बीजेपी की पसमांदा समाज को जोड़ने की रणनीति में अब तारिक मंसूर फिट बैठेंगे। बीजेपी ने 2024 के चुनाव के लिहाज से ही इनकी ताजपोशी की है।
Loksabha Election 2024: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी पसमांदा समाज को जोड़ने की अपनी मुहिम में जुट गई है। पिछले साल तेलंगाना में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में पीएम मोदी ने संगठन को संबोधित करते हुए कहा था कि देश में रह रहे पसमांदा समाज को बीजेपी से जोड़ने की मुहिम चलाई जानी चाहिए। बीजेपी की इसी रणनीति के तहत ही 2024 से पहले संगठन ने तारिक मंसूर को बीजेपी की टीम में लाकर अपना मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है।

बीजेपी की रणनीति का हिस्सा हैं तारिक मंसूर
बीजेपी नेतृत्व ने बड़े ही रणनीतिक तरीके से तारिक मंसूर को अपनी टीम का हिस्सा ऐसे में बनाया है जब बीजेपी देश के कई राज्यों में पसमांदा स्नेह यात्रा का आयोजन करने जा रही है। पार्टी यह कार्यक्रम 27 जुलाई से शुरू करने वाली थी लेकिन किन्ही कारणों की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर बीजेपी कई समीकरण साधना चाहती है।
पसमांदा समाज को सहेजेंगे तारिक
बीजेपी 2024 से पहले जिस तरह से पसमांदा समाज को अपने पाले में करने की कवायद में जुटी है उससे लगता है कि वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। बीजेपी में इससे पहले मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे बड़े मुस्लिम चेहरे शामिल थे। लेकिन जब से मोदी सरकार बनी है उसके बाद से शाहनवाज के सितारे में गर्दिश में रहे। हालांकि बाद में संगठन ने उन्हें बिहार से एमएलसी बनाया लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो यह पद शाहनवाज के कद के लायक नहीं था।
तारिक होंगे बीजेपी का मुस्लिम चेहरा
वहीं मुख्तार अब्बास नकवी पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे थे। हालांकि वह भी मोदी और शाह की गुडबुक में शामिल नहीं हो पाए और जल्द ही उन्हें मंत्री पद से हटना पड़ा। बीजेपी के लिहाज से देखा जाए तो शाहनवाज हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी जैसे बड़े नाम संगठन से गायब हो गए। अब इनकी जगह तारिक मंसूर को राष्ट्रीय फलक पर लाकर उनका कद बड़ा कर मुस्लिम चेहरा बनाने की कोशिश बीजेपी की तरफ से की जा रही है।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि,
यह बीजेपी की पसमांदा समाज को साधने की ही एक रणनीति का हिस्सा है। इनके सहारे अब बीजेपी पसमांदा समाज में जाकर मोदी और योगी सरकार की नीतियों का बखान करेगी। मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे दिग्गज चेहरों के हटने के बाद बीजेपी संगठन में लंबे समय से एक मुस्लिम चेहरे की जरुरत महसूस की जा रही थी जो शायद अब तारिक मंसूर के आने से पूरी हो जाएगी।
बीजेपी ने पहले यूपी से बनाया था एमएलसी
तारिक मंसूर को बीजेपी ने कुछ महीने पहले ही यूपी में एमएलसी बनाया था। मंसूर भी पसमांदा समाज से ही आते हैं। इस समाज को बीजेपी ने चुनाव में टिकट भी दिया था। डॉक्टर तारिक मंसूर अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने अवर लेडी फातिमा स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है। माध्यमिक शिक्षा के लिए तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पहुंचे और यहां से मेडिकल तक की पढ़ाई की।
मोहन भागवत के काफी करीबी हैं तारिक
इसके बाद उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में बतौर प्रोफेसर काम किया। इस दौरान वे यूनिवर्सिटी के गेम्स कमेटी के सचिव भी बने। उनके पिता एएमयू के लॉ फैकल्टी में चेयरमैन और डीन रहे थे। उनकी पत्नी प्रो.हामिदा तारिक जेएन मेडिकल कॉलेज में नियुक्त हैं। विधान परिषद सदस्य बनाए जाने के लिए प्रो. तारिक मंसूर का नाम योगी सरकार की ओर से भेज गया था। तारिक के बेटे की शादी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी पहुंचे थे।












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