Lok Sabha Election: रायबरेली, भदोही, कैसरगंज समेत 5 सीटों पर सस्पेंस बरकरार, BJP को जिताऊ उम्मीदवार की तलाश
Lok Sabha Election 2024 BJP Candidate: लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने प्रत्याशियों की दसवीं सूची बुधवार को जारी की गई। इस सूची में यूपी के साथ सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी सूची में मैनपुरी से जयवीर सिंह ठाकुर, कौशांबी से विनोद सोनकर, फूलपुर से प्रवीण पटेल, बलिया से नीरज शेखर, गाजीपुर से पारसनाथ राय, मछली शहर से बीपी सरोज, इलाहाबाद से नीरज त्रिपाठी आदि लोगों को टिकट दिया गया है।

काफी दिनों से यह कयास लग रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के 12 बची हुई लोकसभा सीटों पर जल्द ही उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जाएगा। लेकिन पार्टी द्वारा बुधवार को केवल सात सीटों पर ही उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया।
ऐसे में अभी पांच सीटें ऐसी हैं जिन पर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं कर पाई है। जिन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है उनमें कैसरगंज, भदोही, रायबरेली, देवरिया और फिरोजाबाद लोकसभा सीट का नाम शामिल है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उपरोक्त पांचो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार उतारने के लिए गहन मंथन चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी हर हाल में इन सीटों पर अपना कब्जा जमाए रखना या जीतना चाहती है।
इन सभी पांचो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को जिताऊ उम्मीदवार के नाम का चयन करना है। इसके लिए पार्टी के पास कुछ लोगों की लिस्ट भी है, उन नाम में से सीटों पर प्रत्याशियों के जातीय और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर टिकट दिया जाएगा।
रायबरेली में गठबंधन का इंतजार कर रही भाजपा
कहा जा रहा है कि रायबरेली लोकसभा सीट पर अभी तक गठबंधन द्वारा प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भी इस सीट पर गठबंधन के प्रत्याशी के नाम का इंतजार कर रही है। रायबरेली लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के पास नूपुर शर्मा और दिनेश प्रताप सिंह तथा सपा के बागी मनोज पांडेय को भी टिकट दे सकती है।
देवरिया में लोकल बनाम बाहरी का मुद्दा
बात करें देवरिया लोकसभा सीट की तो इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी हैट्रिक लगाना चाहती है। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का कहना है कि हर बार यहां से बाहरी प्रत्याशियों को टिकट दिया जाता है।
इस बार भाजपा के नेता और कार्यकर्ता किसी लोकल नेता को उतारने की मांग कर रहे हैं। इस सीट पर सूर्य प्रताप शाही प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। इसके पहले 2014 में कलराज मिश्र और 2019 में रमापति त्रिपाठी ने चुनाव जीता था। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी यहां से ब्राह्मण चेहरे को भी टिकट दे सकती है।
भदोही में ललितेश को कौन देगा टक्कर?
कांग्रेस द्वारा द्वारा गठबंधन के तहत सपा को दी गई यह सीट सपा ने टीएमसी को दे दी। यहां से टीएमसी के नेता रितेश प्रतीक त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतर गया है। ब्राह्मण बाहुल्य सीट होने पर चलते इस सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी जिताऊ उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
इसी तरह कैसरगंज में बृजभूषण शरण सिंह के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी अभी कोई खास निष्कर्ष नहीं निकल पाई है। कहा जा रहा है कि यदि बृजभूषण शरण सिंह का टिकट कटता है तो इसका असर आसपास किसी सीटों पर भी देखने को मिलेगा। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी इस सीट पर भी काफी सोच समझकर उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है। यही स्थिति मुरादाबाद में भी है।












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