Lok Sabha Chunav: बसपा ने चौथी लिस्ट में ब्राह्मण उम्मीदवारों पर क्यों चला दांव? ये रहा फॉर्मूला
UP Lok Sabha Chunav 2024 BSP Candidate List: बहुजन समाज पार्टी ने शुक्रवार को 9 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। यह पार्टी की चौथी लिस्ट है और इस तरह से उसने उत्तर प्रदेश में अबतक 45 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। मायावती ने सभी 80 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
यूपी में अबतक यूं तो मायावती ने कुल 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं, लेकिन चौथी लिस्ट में सिर्फ 2 मुसलमानों को टिकट दिया गया है। बसपा की चौथी लिस्ट में 9 में से 7 सीटें पूर्वांचल की सीटें हैं और 2 सीटें अवध की हैं।

पूर्वांचल की सीटें, ब्राह्मण-ओबीसी उम्मीदवारों पर फोकस
पूर्वांचल के सीटों की लिस्ट होने की वजह से इसका प्रभाव उम्मीदवारों के नामों में देखा जा सकता है। चौथी लिस्ट में पार्टी ने ओबीसी और ब्राह्मण उम्मीदवारों को बराबर टिकट दिए हैं। अबतक बीएसपी के जितने भी 45 नाम जारी हुए हैं, उससे साफ है कि मायावती ने नई सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर काम किया है।
इसकी वजह स्पष्ट है कि पूर्वांचल में यह दोनों ही पार्टी के चुनावी गणित को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। मसलन, बसपा ने फैजाबाद (अयोध्या) से सच्चिदानंद पांडे को टिकट दिया है। वहीं, बस्ती से दयाशंकर मिश्रा की उम्मीदवारी पर यकीन किया है। गोरखपुर से सटे होने की वजह से इसकी अलग अहमियत है।
मायावती अपना रही हैं 2007 वाला भी फॉर्मूला!
इसी तरह से भाजपा से पाला बदलकर हाल ही में बसपा में आए एक और ब्राह्मण श्याम किशोर अवस्थी को धौरहरा से उतारा गया है, जो कि अवध क्षेत्र की सीट है। इस तरह से पार्टी अबतक कम से कम 7 ब्राह्मण उम्मीदवारों पर भरोसा जता चुकी है।
जबकि अभी यूपी की 80 सीटों में से 35 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आने बाकी ही हैं। बसपा की पूरी लिस्ट में सवर्णों की अन्य जातियों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है, जिससे लगता है कि यह 2007 वाले फॉर्मूले को फिर से सहेजने की कोशिश है।
नई सोशल इंजीनियरिंग पर मायावती ने लगाया जोर!
वहीं पूर्वांचल की आजमगढ़ सीट से पार्टी ने भीम राजभर (ओबीसी) को टिकट दिया है। इस समाज का पूर्वांचल की कई सीटों पर दबदबा है। जबकि, घोसी सीट से एक और ओबीसी बालकृष्णा चौहान को उतारा गया है। यहां से भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अरविंद राजभर को चुनाव लड़ा रही है। इसी तरह से चंदौली लोकसभा सीट से भी बसपा ने एक और ओबीसी सत्येंद्र कुमार मौर्य पर भरोसा जताया है।
'दलित-मुस्लिम' समीकरण को अभी भी प्राथमिकता!
बहुजन समाज पार्टी ने चौथी लिस्ट में भी 2 मुसलमानों को टिकट दिया है। गोरखपुर से जावेद सिमनानी और एटा से इरफान मोहम्मद को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि, रॉबर्ट्सगंज से धनेश्वर गौतम (दलित) को उतारकर अपना मूल सामाजिक समीकरण वाला फॉर्मूला भी कायम रखा है।
इस तरह से 45 उम्मीदवारों की लिस्ट में बसपा ने पहले 9 मुसलमानों को टिकट देकर, पश्चिम और मध्य यूपी में 'दलित-मुस्लिम' समीकरण को मजबूत करने की कोशिश की है। इनके अलावा बसपा ने अन्य जातियों के साथ-साथ सभी सवर्णों जातियों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है।












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