यूपी के चुनाव में मायावती, मोदी, राहुल अखिलेश का मॉर्निंग,नून, मैटिने शो
आईए चलते हैं यूपी में बड़े नेताओं की रैलियों में, हर बड़ा नेता अपनी रैलियों में अब एक ही बात लोगों के बीच रखता है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान अपने चरम पर है और तमाम सियासी दल के दिग्गजों ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। एक तरफ जहां सपा की कमान अकेले अखिलेश यादव ने संभाल रखी है तो दूसरी तरफ भाजपा के लिए नरेंद्र मोदी अभी भी सबसे लोकप्रिय चेहरे बने हुए हैं, वहीं बसपा के लिए एकमात्र प्रचारक मायावती ने मैदान संभाल रखा। कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार की कमान राहुल गांधी के हाथों में है और वह हर रोज कई रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।
ये सभी नेता अपनी पार्टी के एजेंडे और सोच को अपनी चुनावी सभाओं में आगे बढ़ा रहे हैं।

हर भाषण में तकरीबने एक ही बातें
ये सभी नेता अपनी पार्टी के एजेंडे और सोच को अपनी चुनावी सभाओं में आगे बढ़ा रहे हैं। ये सभी नेता अबतक प्रदेश में दर्जनों रैलियों को संबोधित कर चुके हैं और तकरीबन हर रैलियों में इन नेताओं के भाषण में अब एकरूपता भी दिखने लगी है। सभी नेता अपने हर भाषण में उन्हीं बातों को दोहरा रहे हैं जो वह पहली रैली में बोल रहे थे।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव अपनी हर रैली में पीएम मोदी पर हमला बोलते हैं और नोटबंदी के मुद्दे पर जमकर उन्हें घेरने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही वह अपनी सरकार की तमाम योजनाओं को गिनाते हुए लोगों से मायावती से आगाह रहने की सलाह भी देती है। इसके अलावा अपनी हर रैली में अखिलेश कांग्रेस के साथ सपा के गठबंधन का बचाव भी हर रैली में करते हैं।

अखिलेश यादव के भाषण में कुछ लाइनें जो वह हर जगह बोलते हैं
- लोगों को बैंक की लाइन में लगा दिया, बैंक की लाइन में एक बच्चे का जन्म हुआ उसका नाम खजांची रख दिया, हमने उसे 2 लाख रुपए देकर छोटा-मोटा खजांची बना दिया।
- पत्थरवाली सरकार के चक्कर में नहीं आना, उनके हाथी आज भी जो खड़े थे खड़े हैं और जो बैठे थे वह बैठे हैं।
- उत्तर प्रदेश से देश की राजनीति तय होगी
- बुआ पहले भी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना चुकी है, रक्षाबंधन मना चुकी है
- कांग्रेस से गठबंधन बड़े दिल के साथ हुआ है, दोस्त कंजूस नहीं होना चाहिए, बड़े दिल वाला होना चाहिए
- डायल 100, एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, 108 एंबुलेंस की सुविधा दी है।
- नोटबंदी करके किसानों, गरीबों, दलितों को परेशान किया
- मुस्लिम अपना वोट बसपा को दें, अन्यथा इसका लाभ भाजपा को होगा
- मुलायम ने पुत्र मोह में अपने भाई का अपमान किया
- अखिलेश यादव दागी चेहरा हैं
- भाजपा आरक्षण को खत्म कर देगी
- मुसलमानों को शक की नजर से देखा जाता है
- अखिलेश का काम नहीं कारनामा बोलता है
- नोटबंदी ने कालाधन की सफाई का काम किया, लेकिन अमीरों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ
- उत्तर प्रदेश को सपा-बसपा ने गर्त में पहुंचा दिया है।
- यूपी में भी भाजपा की सरकार आने से विकास को केंद्र और राज्य सरकार का दो इंजन मिल जाएगा।
- पहले कहते थे 27 साल यूपी बेहाल और अब एक साथ आ गए हैं
- चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के गरीबों को लाइन में लगा दिया।
- नोटबंदी के नाम पर देश के गरीबों को बैंक की लाइन में लगा दिया
- नोटबंदी के जरिए पीएम मोदी धन्नासेठों को 6 लाख करोड़ रुपए बैंकों के जरिए कर्ज देना चाहते हैं।
- केंद्र सरकार के पास कालाधन धारकों की सूचि है लेकिन उसे संसद में नहीं रखते हैं।
- देश को बांटने वाली और नफरत फैलानी वाली भाजपा और आरएसएस को खत्म करना है।
- दो युवा यूपी की तरक्की के लिए साथ आए हैं।

मायावती
मायावती अपनी रैली में सबसे ज्यादा हमलावर वह पीएम मोदी और सपा के खिलाफ होती हैं। वह अपनी हर रैली में किसान, गरीब, रोजगार, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की बात करती हैं। मायावती अपनी हर रैली में तकरीबन एक ही भाषण बोलती हैं जोकि पहले से लिखा होता है और वह उसे लोगों के बीच पढ़ती है, ऐसे में उनके हर भाषण में शब्दों, लाइनों और यहां तक की कौमा और फुलस्टॉप तक भी कई बार रैलियों में एक जैसा ही होता है।

वो बातें जो मायावती हर रैली में बोलती हैं

नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर जबरदस्त हमला करते हैं और वह इस गठबंधन को मौकापरस्त करार देते हुए कहते हैं कि एक ने देश को लूटा दूसरे ने प्रदेश को लूटा और अब दोनों ही एक साथ आ गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी रैलियों में सपा परिवार के कलह पर भी जमकर हमला बोलते हैं और प्रदेश में किसानों, गरीबों और विकास के मुद्दे को उठाते हैं।

प्रधानमंत्री अपनी हर रैलियों में इन बातों को दोहराते हैं

राहुल गांधी
राहुल गांधी की रैलियों की एक खास बात यह होती है कि उनके भाषण में सिर्फ नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार निशाने पर होते हैं। अपनी रैलियों में वह कभी भी बसपा पर हमला नहीं बोलते हैं। अपनी रैलियों में वह गठबंधन का समर्थन करते हुए कहते हैं कि दो युवा प्रदेश के विकास के लिए साथ आए हैं। वह पीएम मोदी पर सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी सहित तमाम मुद्दों पर जमकर हमला बोलते हैं। अखिलेश अपनी रैलियों में भाजपा और आरएसएस को भी निशाने पर लेते हैं।













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