VIDEO: तेंदुए ने किया हमला, बुजुर्ग ने किया लाठी से मुकाबला, 3 घायल
बहराइच। यूपी के बहराइच इलाके के ककरहा रेंज के भीमनगर खैरी गांव में पहुंची मादा तेंदुआ ने ताबड़तोड़ तीन हमले कर महिला समेत तीन लोगों को लहूलुहान कर दिया। युवक व अधेड़ ने पांच मिनट तक संघर्ष किया, जैसे-तैसे जान बची। सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। उधर घटना की सूचना पाकर गांव पहुंची वन विभाग की टीम को घेरकर ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाई। झड़प भी हुई। गांव में घटना के बाद से आक्रोश है। वहीं ग्रामीण दहशत में भी हैं।

मादा तेंदुए ने किया अटैक
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे गांवों में बाघ और तेंदुए के ताबड़तोड़ हमले बढ़े हैं। ककरहा रेंजके भीमनगर खैरी गांव के लोग अपने घर में मौजूद थे। इसी दौरान मादा तेंदुआ गांव में पहुंच गई। वो गांव निवासी जयकिशन के घर के सामने पहुंचकर दहाड़ी तो परिवार के लोग सकते में आ गए। आंगन में मौजूद जयकिशन ने मकान का किवाड़ बंदकर शोर मचाया। जवाब में गांव के लोगों ने भी हांका लगाना शुरू किया। इस पर वो शावकों के साथ रूपनरायन के घर में घुस गई। यहां बरामदे में मौजूद रूपनरायन पर हमला कर लहूलुहान कर दिया।

बुजुर्ग पर किया हमला
चीख सुनकर घर के लोग दौड़े। उधर गांव के लोग भी एकत्रित होने लगे। इस दौरान रूपनरायन ने उसका सामना किया। मौके पर पहुंचे पड़ोसी अनिल (25) पर भी तेंदुआ शावकों के साथ झपट पड़ी। रूपनरायन और अनिल पांच मिनट तक संघर्ष करते रहे। ग्रामीणों की भीड़ और शोर सुनकर आगे बढ़ी तो घर के सामने धूप सेंक रही लखमीना (50) पर हमला कर दिया। किसी तरह ग्रामीणों ने लखमीना की जान बचाई। इसके बाद वो शावकों के साथ गन्ने के खेत में घुस गई।

ग्रामीणों से वन अधिकारियों की झड़ुप
हमले की सूचना ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय पर दी वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्या टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। वन विभाग पर सुरक्षा मुहैया न कराने का आरोप मढ़ा। तीखी झड़प हुई। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ। आनन-फानन में सभी घायलों को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

गांव वालों ने की शिकायत
तेंदुए के हमले की सूचना पाकर वन विभाग की टीम गांव पहुंची तो ग्रामीण संघर्ष के मूड में दिखे। किसी तरह स्थिति को काबू में किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बाघ और तेंदुओं के फर्जी शिकार के मामले में वन विभाग की ओर से फंसाया जाता है लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।












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