इलाज के नाम पर तांत्रिक ने बच्ची के साथ की क्रूरता की हदें पार! पहले पीटा, फिर जला दिए हाथ, हुई मौत
Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास के कारण एक छोटी बच्ची की जान चली गई। एक महिला तांत्रिक ने दावा किया कि बच्चे पर तीन राक्षसों का साया है और वह उसे ठीक कर देगी। बताया जा रहा है कि महिला तांत्रिक ने बच्चे के साथ बहुत क्रूरता की। उसकी हरकतों के कारण बच्ची की सेहत पर बुरा असर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
रमियाबेहड़ के मिझरिया गांव निवासी संदीप की बेटी माही जो महज 3 साल की थी, ने रविवार को दम तोड़ दिया। आर्थिक तंगी के चलते बच्ची को इलाज नहीं मिल सका। परिजनों का आरोप है कि महिला तांत्रिक के जादू-टोने के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने बताया कि महिला तांत्रिक ने माही के हाथ जला दिए और उसे बार-बार तख्त पर पटका जिससे बच्ची की हालात और ज्यादा बिगड़ गई।

माही के परिवार ने बताया कि उसे बुखार और झटके आने की समस्या थी। चिकित्सा उपचार के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गांव वालों की सलाह पर उसके पिता संदीप ने उसे मदद के लिए एक स्थानीय धार्मिक स्थल पर ले जाने का फैसला किया।
इलाज के नाम पर तांत्रिक ने बच्ची के साथ की क्रूरता की हदें पार
धार्मिक स्थल पर एक महिला तांत्रिक ने कथित तौर पर दावा किया कि माही तीन बुरी आत्माओं के प्रभाव में है। उसने काले जादू से माही को ठीक करने का वादा किया और अपनी सेवाओं के लिए 1500 रुपये मांगे। परिवार ने माही की बिगड़ती सेहत के समाधान की उम्मीद में सहमति जताई।
तांत्रिक के तरीके क्रूर थे। परिवार के अनुसार, उसने पहले माही को पीटा और फिर उसके दोनों हाथों को गर्म अंगारे से जला दिया। यातनाएँ जारी रहीं और उसने बार-बार माही को तख्त पर पटका, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। तांत्रिक के हाथों हुए कठोर उपचार के कारण माही की सेहत बहुत खराब हो गई। परिवार की हताशा ने उन्हें तांत्रिक के दावों पर विश्वास करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन राहत पाने के बजाय माही को और अधिक तकलीफ हुई।
परिजनों ने गंभीर हालत में माही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर किया, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार बच्ची को लखनऊ ले जाने में सक्षम नहीं था इसलिए उसे घर ले आया गया जहां बच्ची की हालत और बिगड़ती गई।
रमियाबेहड़ के एसआई वीरेंद्र सिंह को जब इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने बच्ची की मदद करने का फैसला किया। साथी पुलिसकर्मियों से चंदा जमाकर के उन्होंने माही को इलाज के लिए लखनऊ भेजा।
लखनऊ में डॉक्टर ने माही के ऑपरेशन करने की बात कही जिसके लिए परिवार पैसे जमा कर पाने में असमर्थ था। पुलिसकर्मियों से मिले पैसे बच्ची की जांच और दवा में ही खर्च हो गए थे। एक बार फिर आर्थिक तंगी ने परिजनों को बच्ची को घर ले जाने पर मजबूर कर दिया। घर पर मासूम की हालत और नाजुक होती गई और रविवार सुबह माही ने दुनिया को अलविदा कह दिया। माही की मौत होने की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने महिला तांत्रिक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।












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