Akhilesh Yadav को CM Yogi की खुली चुनौती: Krishna Janmabhoomi 'मुक्ति' आंदोलन का समर्थन करो, राम की तरह
Hathras Krishna Janmabhoomi Dispute: उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर से धार्मिक मुद्दों का तड़का लग गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी है। कहा कि वे राम जन्मभूमि आंदोलन की तरह कृष्ण जन्मभूमि की 'मुक्ति' का भी खुलकर समर्थन करें। यह बयान अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाले वाले आरोपों के एक दिन बाद आया है, जिसने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
सीएम योगी ने हाथरस (Hathras) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश पर तीखा हमला बोला और अयोध्या विकास, राम भक्तों पर गोली चलाने के इतिहास तथा मथुरा-वृंदावन के मुद्दे को उठाया। आइए विस्तार से जानते हैं...

पूरा मामला क्या है?
अखिलेश यादव ने हाल ही में प्रयागराज प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और BJP के लिए 'नेशन फर्स्ट' नहीं, 'डोनेशन फर्स्ट' है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी सरकार आई तो अयोध्या को 'अद्वितीय' पवित्र शहर बनाएंगे।
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'अखिलेश जी, भगवान राम के भक्तों ने अयोध्या को पहले ही बदल दिया है। आप इसकी चिंता न करें। पश्चाताप करें। एक बार राम लला के दर्शन करें, इससे आपको सद्बुद्धि मिलेगी।'
Krishna Janmabhoomi पर योगी की चुनौती
मुख्यमंत्री ने अखिलेश को सीधे चुनौती दी, 'अब मथुरा के बारे में बात करें। यदि आप खुद को धार्मिक रूप से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, तो मथुरा, वृंदावन और कृष्ण जन्मभूमि के बारे में खुलकर बोलें। राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तरह कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाया जाना चाहिए।'
योगी ने जोर देकर कहा कि भगवान कृष्ण की जन्मभूमि भी सम्मान की हकदार है। उन्होंने मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मंदिर तोड़कर बनाई गई है। कानूनी विवाद चल रहा है।
Ayodhya पर Akhilesh का जवाब
अखिलेश यादव ने राम मंदिर न जाने के सवाल पर कहा था, 'इटावा में शिव मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद अयोध्या जाकर राम की पूजा करूंगा। मुद्दा मेरे जाने का नहीं है।' योगी ने इसे भी लेकर तंज कसा।
SP सरकार पर योगी के आरोप
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश की पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, 'आपकी पार्टी की सरकार ने राम भक्तों पर गोली चलवाई थी। आप कैसा धार्मिक शहर बनाएंगे?' उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति याद दिलाई जब मंदिरों के विकास के पैसे कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल पर खर्च होते थे।
CM ने दावा किया कि 2017 के बाद फंड्स को मंदिरों की ओर मोड़ा गया क्योंकि 'मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। हमें मंदिरों की जरूरत है, कब्रिस्तानों की नहीं।'
कानून-व्यवस्था और विकास का मुद्दा
योगी ने UP की कानून-व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया की छवि थी। अब राज्य विकास और सुरक्षा का मॉडल बन गया है। मुहर्रम के दौरान 12,000 जुलूस निकले, फिर भी कोई दंगा नहीं हुआ।
हाथरस में विकास परियोजनाएं
कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने 143 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिनकी लागत 548 करोड़ रुपये से ज्यादा है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास की चाबियां, स्मार्टफोन, आयुष्मान कार्ड और युवा उद्यमी योजना के चेक बांटे। एक बच्ची को गोद में उठाकर दूध पिलाते हुए उनकी तस्वीर भी वायरल हुई।
What Is Krishna Janmabhoomi Dispute: कृष्ण जन्मभूमि विवाद क्या है?
मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद (Krishna Janmabhoomi-Shahi Idgah Mosque Dispute) लंबे समय से चला आ रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के समय मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई। 2024-25 में कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं। सर्वे और पुरातात्विक महत्व के दावे भी सामने आए हैं। राम जन्मभूमि की तरह ही इस मुद्दे पर भी आंदोलन की संभावना पर चर्चा हो रही है। योगी का बयान इसी दिशा में माना जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट पर विवाद
अखिलेश के आरोपों के बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने पारदर्शिता का दावा किया। UP सरकार ने SIT गठित कर जांच शुरू की। कई गिरफ्तारियां हुई हैं। यह विवाद अभी भी गर्म है।













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