यमुना की सफाई के लिए खुद मैदान में उतरीं CM रेखा गुप्ता! दिल्लीवालों से बोलीं- सफाई के लिए थोड़ा आप भी निकालिए
Rekha Gupta Yamuna Ghat Cleanliness: दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब सरकार इसे सिर्फ सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद पूर्वी दिल्ली के चिल्ला गांव स्थित यमुना खादर पहुंचीं।
उन्होंने घाट पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया, कचरा उठाया और लोगों से अपील की कि यमुना को साफ रखने के लिए हर परिवार थोड़ा-सा समय जरूर निकाले। मुख्यमंत्री का कहना है कि सिर्फ सरकारी मशीनरी से नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी से ही यमुना को दोबारा स्वच्छ बनाया जा सकता है।

यमुना घाट पर आयोजित मेगा सफाई अभियान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवक, स्थानीय लोग और कई स्वयंसेवी संगठन भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सेवा बस्ती में रहने वाले बच्चों से भी मुलाकात की और उनकी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक रविकांत उज्जैनवाल और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो।
रेखा गुप्ता ने की दिल्लीवासियों से की खास अपील
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीके और जनभागीदारी के जरिए यमुना को फिर से जीवंत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने हर दिल्लीवासी से अपील की कि वह इस अभियान का हिस्सा बने और यमुना को साफ रखने में अपना योगदान दे।
रेखा गुप्ता ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ेगी, तभी स्थायी बदलाव आएगा। लोगों को पूजा सामग्री, प्लास्टिक, निर्माण का मलबा और दूसरा कचरा सीधे नदी में डालने से बचना चाहिए।
सरकार का नया प्लान क्या है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार केवल घाटों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके साथ कई बड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विशेष संग्रह केंद्र यानी पोर्टा केबिन बनाए जाएंगे, जहां पूजा सामग्री और खंडित मूर्तियां जमा की जा सकेंगी।
बाद में इनका वैज्ञानिक तरीके से सम्मानजनक निस्तारण और रिसाइक्लिंग की जाएगी। इसके अलावा यमुना में गिरने वाले छोटे और बड़े गंदे नालों को चरणबद्ध तरीके से टैप कर दूसरी दिशा में मोड़ा जा रहा है, ताकि भविष्य में बिना ट्रीटमेंट का गंदा पानी सीधे नदी में न पहुंचे।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना को साफ करना केवल एक सफाई अभियान नहीं बल्कि लंबी अवधि का पर्यावरण मिशन है। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीक, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आम लोगों की भागीदारी तीनों को साथ लेकर काम किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यही मॉडल यमुना के पुनर्जीवन की सबसे मजबूत नींव बनेगा।














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