दिल्ली कोचिंग सेंटर के लिए नया कानून लाने की तैयारी में रेखा सरकार!1 महीने की डेडलाइन,नियम तोड़े तो होगा सील
Delhi Coaching Centres New Law: दिल्ली में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर अब सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। राजधानी में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों के लिए जल्द नया कानून लाया जाएगा, ताकि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी, सुरक्षा ऑडिट और जरूरी इंतजाम नहीं होंगे, उन्हें बिना किसी ढील के सील कर दिया जाएगा। यह फैसला हाल ही में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद आया है, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी।
दिल्ली में क्यों लाया जा रहा है नया कानून?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार नया कानून तैयार कर रही है। इसका मकसद राजधानी के हर कोचिंग सेंटर के लिए एक समान सुरक्षा मानक तय करना है, ताकि किसी छात्र की जान खतरे में न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह मायने नहीं रखता कि दिल्ली में 900 कोचिंग सेंटर हैं या 1,000। सबसे जरूरी बात वहां पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा है।

कोचिंग सेंटरों को मिला एक महीने का समय
मुख्यमंत्री ने सभी कोचिंग संस्थानों को एक महीने की समय सीमा दी है। इस दौरान हर सेंटर को फायर ऑडिट, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। तय समय के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सीधे कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सील भी किया जाएगा। रेखा गुप्ता ने छात्रों से भी अपील की कि यदि उन्हें अपने कोचिंग सेंटर में किसी तरह की सुरक्षा कमी दिखाई देती है तो वे ईमेल, संदेश या फोन के जरिए सरकार को इसकी जानकारी दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर सख्त कार्रवाई होगी।
शिक्षा मंत्री ने भी शुरू कराया बड़ा अभियान
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी राजधानी में सभी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने गृह विभाग, नगर निगम, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। बैठक में फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा, छात्रों की भलाई और कुछ संस्थानों की व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि छात्र सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किन इलाकों में होगी सबसे पहले जांच?
सरकार ने मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवारिया सराय जैसे बड़े कोचिंग हब में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम यह देखेगी कि संस्थान फायर सेफ्टी नियमों, भवन मानकों और दूसरे जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। नगर निगम को दिल्ली के 923 सर्वे किए गए कोचिंग सेंटरों की सूची निरीक्षण टीमों को देने और हर दिन कार्रवाई रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि जो कोचिंग सेंटर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे या बिना जरूरी अनुमति के संचालित होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रस्तावित कानून का मकसद जवाबदेही तय करना, पारदर्शी व्यवस्था बनाना और छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।














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