जानिए कौन हैं भूपेंद्र चौधरी जिनको BJP ने सौंपी 2024 से पहले UP की कमान
लखनऊ, 25 अगस्त: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने अपनी नजर अगले आम चुनाव पर टिका दी है। बीजेपी ने एक ऐसे शक्स को बीजेपी की जिम्मेदारी सौंपी है जिसके पास संगठन का अपार अनुभव है। इस अनुभव का लाभ पार्टी को अगले आम चुनाव में मिलेगा। दरअसल पहले इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है। लेकिन सारी अफवाहों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने भूपेंद्र सिंह चौधरी पर अपना भरोसा जताया है। इनके पास करीब 32 सालों का पार्टी का अनुभव है और ये राजनीति के एक मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं।
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भूपेंद्र सिंह के पास 32 साल का अनुभव
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह की बीजेपी यूपी की कमान सौंपी गई है। बीजेपी से वह पहली बार 1989 में जुड़े थे। इसके बाद ही पार्टी में इनका ग्राफ लगातार बढ़ता चला गया। भूपेंद्र सिंह मूल रूप से मुरद्दाबाद के रहने वाले हैं। इनका जन्म 30 जून 1967 में हुआ था। भूपेंद्र सिंह के पिता का नाम कारण सिंह है। भूपेंद्र वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य भी हैं। विधान परिषद में कई मौके पर वह सरकार के लिए संकटमोचक का काम कर चुके हैं। भूपेंद्र को एक गंभीर व्यक्तित्व वाला राजनेता माना जाता है और वह सुनील बंसल के काफी करीबी माने जाते हैं।
योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं भूपेंद्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने वाली बीजेपी की सरकार में भूपेंद्र सिंह कैबिनेट मंत्री हैं। भूपेंद्र सिंह दोनो सरकारों में मंत्री रहे और हमेशा से एक दागदार छवि रही है। योगी सरकार में भूपेंद्र पहले मंत्री है जिनके विभाग में कभी बदलाव नहीं हुआ है। भूपेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए माने जाते हैं और हमेशा ही संगठन को तरजीह देने का काम किया है। संगठन एक ऐसे शख्स की तलाश में जुटा था जिसकी इमेज साफ सुथरी और संगठन के साथ ही सरकार के बीच तालमेल बनाकर काम कर सके। केंद्रीय आलाकमान की इन अपेक्षाओं पर भूपेंद्र सिंह खरे उतरे।

भूपेंद्र के आने से कार्यकर्ताओं को मिला सम्मान
बीजेपी में भूपेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही कार्यकर्ता में खुशी की लहर है। कार्यकर्ताओं की हमेशा से शिकायत रहती थी की कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जा रही है। इसलिए कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के लिए ही ये कदम उठाया गया है। भूपेंद्र के आने से पश्चिम के साथ ही दिल्ली, हरियाणा के जात समीकरण को भी साधने का प्रयास किया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम की कमान स्वयं अमित शाह को संभालनी पड़ी थी इसलिए पार्टी को भी जाटों की नाराजगी का अंदाजा था इसलिए भूपेंद्र सिंह चौधरी पर दांव खेला गया है।
2024 लोकसभा चुनाव में भूपेंद्र की होगी अग्नि परीक्षा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने वाली बीजेपी अब 2024 के चुनाव में फोकस करेगी। भूपेंद्र सिंह के सामने अब जिम्मेदारी काफी बड़ी है। बीजेपी ने अगले आम चुनाव को लेकर अपना टारगेट फिक्स किया है। बीजेपी 2024 में उत्तर प्रदेश में 75 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। अब इस मिशन को पूरा करने के लिए भूपेंद्र सिंह को जोर लगाना पड़ेगा। भूपेंद्र सिंह को लेकर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह चौधरी के अध्यक्ष बनने से एक कार्यकर्ता को सम्मान मिला है। भूपेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं में काफी लोकप्रिय हैं। अब इनकी लोकप्रियता का लाभ पार्टी को मिलेगा।












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