Kasganj में अंबेडकर शोभायात्रा पर पथराव, एक पुलिसकर्मी घायल, 10 लोग हिरासत में
Kasganj Ambedkar Jayanti Yatra Stone-pelting: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डॉ. बीआर अंबेडकर जयंती के मौके पर 14 अप्रैल को निकाली गई शोभायात्रा के दौरान पथराव की घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। सहावर थाना क्षेत्र के चहका गुनार गांव में हुई इस घटना में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया।
भीड़ ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में एक महिला समेत लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Kasganj Ambedkar Jayanti Row: पूरा मामला क्या है?
मंगलवार को चहका गुनार गांव से गुजर रही अंबेडकर जयंती शोभायात्रा पर कुछ लोगों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान कुछ लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सड़क जाम कर दिया। पत्थर लगने से एक पुलिसकर्मी घायल हुआ।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान पथराव हुआ था। तत्काल कार्रवाई की गई। लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वीडियो फुटेज के जरिए अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने कहा कि जिले में 50 से ज्यादा शोभायात्राएं शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जा रही थीं। यह घटना शोभायात्रा को जानबूझकर बाधित करने का प्रयास लगता है। यादव समुदाय के कुछ सदस्यों ने शोभायात्रा को रोका। जांच पूरी होने के बाद इसके पीछे का राजनीतिक मकसद स्पष्ट हो जाएगा।
पुलिस ने स्थिति संभालते ही शोभायात्रा को फिर से शुरू कराया। भारी पुलिस बल की सुरक्षा में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ।
घटना क्यों मायने रखती है?
- अंबेडकर जयंती की संवेदनशीलता: पूरे यूपी में सैकड़ों शोभायात्राएं शांतिपूर्ण ढंग से निकलीं, लेकिन कासगंज में एक गांव में अचानक बवाल हो गया। यह दिखाता है कि छोटी-सी घटना भी बड़े तनाव में बदल सकती है।
- जानबूझकर बाधित करने का आरोप: पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि यह कोई सहज घटना नहीं थी। यादव समुदाय के सदस्यों पर शोभायात्रा रोकने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर राजनीतिक मकसद की जांच कर रही है।
- तेज पुलिस रिस्पॉन्स: डीएम और एसपी के मौके पर पहुंचते ही स्थिति काबू में आ गई। सिर्फ हल्का बल प्रयोग किया गया और 10 लोगों को तुरंत हिरासत में लिया गया। किसी बड़े हंगामे या अतिरिक्त हिंसा को रोका गया।
- इलाके का बैकग्राउंड: कासगंज पहले भी जातीय और सामुदायिक तनाव के लिए जाना जाता रहा है। अम्बेडकर जयंती जैसे अवसर पर मूर्ति स्थापना या शोभायात्रा अक्सर विवाद का कारण बन जाते हैं।
फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। वीडियो फुटेज के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
(PTI इनपुट के साथ)












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