Kanpur Zoo News: कानपुर चिड़ियाघर में तेजी से फैल रहा बर्ड फ्लू, बाघ और तेंदुओं की सेहत पर खतरा, अलर्ट जारी
Kanpur Zoo News: उत्तर प्रदेश के कानपुर प्राणी उद्यान में बर्ड फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। हाल ही में गोरखपुर से लाए गए शेर पटौदी की मौत के बाद यहां की स्थिति गंभीर हो गई है। दो बाघिनों समेत कई जानवरों की तबीयत खराब होने से उद्यान में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कानपुर चिड़ियाघर के दो तेंदुओं और तीन बाघों की हालत खराब हो गई है। इनमें से अधिकांश जानवरों का खाना कम हो गया है और वे कमजोर दिख रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पूरे उद्यान को छह हिस्सों में बांटकर फॉरेस्ट गार्ड और कीपरों की टीमों को तैनात किया गया है।

प्राणी उद्यान के आसपास के क्षेत्र को 'रेड जोन' घोषित कर दिया गया है ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही अस्पताल परिसर की भी कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर उपाय कर रही है।
बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे के बीच क्वारंटीन का असर
गोरखपुर के शेर पटौदी के बाद, दो बाघिनों पुष्पा और आध्या को अलग कर क्वारंटीन किया गया है। उनकी तबीयत में गिरावट आई है और उनका खाने का मन कम हो गया है। इनके खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि संक्रमण की पुष्टि हो सके।
चिड़ियाघर में इससे पहले एक मोर और एक बतख की भी मौत हो चुकी है। इनकी मौत के बाद बर्ड फ्लू का खतरा और बढ़ गया है। इन घटनाओं ने प्राणी उद्यान के अन्य जानवरों और पक्षियों में भी चिंता बढ़ा दी है।
विदेशी जानवर भी संक्रमण के दायरे में
कानपुर चिड़ियाघर में गुजरात के वनतारा से लाए गए दो वालाबी और दो जेब्रा सहित चार शुतुरमुर्ग और एमू भी रखे गए हैं। इन विदेशी जानवरों की भी विशेष निगरानी की जा रही है। बर्ड फ्लू के फैलने के कारण उनकी सुरक्षा को भी लेकर प्रशासन सतर्क है।
चिड़ियाघर में कई पक्षी सुस्त नजर आ रहे हैं और उनकी गतिविधियां कम हो गई हैं। प्रशासन ने परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री रोक दी है और नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कर रहा है।
प्रशासन ने कड़े कदम उठाए
चिड़ियाघर में हर दो घंटे में बाड़ों की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संक्रमण के लक्षण तुरंत पकड़े जा सकें। साथ ही, परिसर को बार-बार सैनिटाइज किया जा रहा है ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके।
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने कई जानवरों और पक्षियों के नमूने भोपाल भेजे हैं। इनमें दो बाघिनों, एक तेंदुआ, बतख, कबूतर समेत कुल 12 पक्षियों के नमूने शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर चिड़ियाघर में पांच मई को भेड़िया भैरवी और सात मई को बाघिन शक्ति की मौत हुई थी। कौए और अन्य पक्षियों के भी मृत मिलने की खबर है। भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में बाघिन की मौत बर्ड फ्लू से हुई पाई गई।
शेर पटौदी को बीमार होने पर कानपुर भेजा गया था, जहां वह गुरुवार सुबह मृत मिला। उसके साथ मोर का शव भी मिला, दोनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। शनिवार को रूडी शेल्डक (बतख) की भी मौत हुई, जिसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।












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