Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

स्वच्छता का संदेश देते हुए गंदगी की तह तक गिरा नगर निगम, स्लोगन पढ़कर हो जाएंगे शर्म से पानी

कानपुर। स्वच्छ भारत मिशन एक बार फिर अश्लील और भौंडे स्लोगन्स का शिकार हुआ है। अबकी बार कानपुर नगर निगम ने सार्वजनिक दीवारों पर ऐसे नारे लिखवाये हैं जिनकी भाषा असभ्यता की सारी हदें पार कर रही हैं। दीगर बात यह है कि जनहित के सरकारी स्लोगनों को नगर स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति के बाद जनता के बीच प्रसारित किया जाता है। कानपुर की महिला मेयर को जब इन स्लोगन्स के बारे में बताया गया तो उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया। ये स्लोगन्स इतने भद्दे हैं कि हम इन्हें आपको पढ़वा भी नहीं सकते।

शालीनता के संदेशों की धज्जियां उड़ाते स्लोगन्स

शालीनता के संदेशों की धज्जियां उड़ाते स्लोगन्स

खुले में शौच मुक्ति के लिये अक्षय कुमार ने भले ही बहुत शालीन तरीके से अपनी प्रेम कथा के जरिये लोगों को टॉयलेट बनवाने का सन्देश दिया हो लेकिन कानपुर नगर निगम की बात ही निराली है। उसने ओडीएफ सिटी का दर्जा हासिल करने के लिये सार्वजनिक दीवारों पर ऐसी भौंडी भाषा में नारे लिखवा दिये हैं जिन्हें पढ़ने के बाद कोई भी सभ्य महिला असहज महसूस करें। ये स्लोगन्स काफी भद्दे हैं और शालीनता से इनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं हैं।

क्या है सार्वजनिक दीवारों पर स्लोगन दर्ज कराने की प्रक्रिया

क्या है सार्वजनिक दीवारों पर स्लोगन दर्ज कराने की प्रक्रिया

अगर ये दीवारें नगर निगम के आधीन आती हैं तो उस विभाग से सम्बन्धित अधिकारी नारे लिखवा सकता है जिसके विभाग से सम्बन्धित प्रचार सामग्री जनता तक पहुंचानी है। चॅंकि स्वच्छ भारत मिशन का ताल्लुक स्वास्थ्य विभाग से है इसलिये नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ये जिम्मेदारी बनती है कि वो हर नारे को देखे और उसे पास करें। यहां यह बताना जरूरी है कि कानपुर नगर निगम का ये जिम्मेदार ओहदा बीजेपी के स्थानीय सांसद देवेन्द्र सिंह भोले के पुत्र ने सम्भाला हुआ है और सांसद पुत्र होने के कारण निगम के बड़े अधिकारी भी उनके सामने बौने हैं।

कानपुर की महिला मेयर भी हुईं शर्मसार

कानपुर की महिला मेयर भी हुईं शर्मसार

भले ही कानपुर के वीआईपी नगर स्वास्थ्य अधिकारी इन नारों से अपना नाता होने से इनकार कर रहे हों लेकिन कानपुर की महिला मेयर भी हैरत में हैं कि महिलाओं के लिये ऐसे अशोभनीय नारे सार्वजनिक दीवारों पर कैसे गढ़े गये। उन्होने मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये भद्दे स्लोगन्स लिखते समय उन्होंने मना किया था लेकिन सरकारी आदेश का हवाला देते हुए उन्हें चुप करा दिया गया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+