झांसी मेडिकल कॉलेज में बड़ा हादसा, NICU में आग, 10 नवजात की मौत, 37 का खिड़की तोड़कर रेस्क्यू

Jhansi Medical College Accident: झांसी के में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज एनआईसीयू यूनिटन में आग लगने से कई नवजात झुलस गए। हादसे में अब तक घायल हुए नवजात शुशुओं में से 10 की मौत हो चुकी है, जबकि 16 घायल हो गए। जबकि 37 अन्य को बचा लिया गया है। हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। वहीं घटना को लेकर सीएम 12 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के कहा है। इसके साथ घायल हुए शुशुओं के उचित इलाज के निर्देश दिए गए है।

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आग की घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजकर 30 मिनट के आसपास हुई। हादसे के चलते मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अधिकारियों की मौजूदगी में फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम पहुंची, लेकिन तब तक आग पूरे एनआईसीयू वार्ड तक पहुंच चुकी थी। वार्ड के खिड़की और गेट के ग्लास तोड़कर 37 शुशिओं को रेस्क्यू कर लिया गया। जिसमें में 16 घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। जबकि 10 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

Jhansi Medical college fire

सीएम योगी आदित्यनाथ ने व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों घटना में घायल शिशुओं क उचित इलाज के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। एक्स को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, ''झांसी जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया गया है। मैं भगवान श्री राम से दिवंगत आत्माओं के लिए शांति की प्रार्थना करता हूंऔर घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।"

12 घंटे अंदर सीएम ने मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को राहत प्रयासों में तेजी लाने और घायलों के लिए उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई की। सीएम योगी ने कहा, "झांसी जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया गया है। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को मोक्ष प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।"

घटना को लेकर जांच रिपोर्ट सीएम ने 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य के प्रमुख सचिव को स्थिति की निगरानी के लिए झांसी भेजा गया। साथ ही सीएम योगी ने कमिश्नर और डीआइजी को घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने 12 घंटे के अंदर शासन को सौंपने को कहा गया है।

10 बच्चों की मौत: डीएम

हादसे को लेकर झांसी के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, "रात 10:30 से 10:45 बजे के बीच एनआईसीयू यूनिट के अंदर शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लग गई। यूनिट के बाहर मौजूद बच्चों को बचा लिया गया। अंदर मौजूद कई लोगों को बचा भी लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से अब तक 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। ड्यूटी स्टाफ के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी।"

शॉर्ट सर्किट से लगी आग: एडीजी जोन
वहीं घटना को लेकर एडीजी जोन कानपुर आलोक सिंह ने कहा कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने बताया की जिस वक्त आग लगी शिशु इनक्यूबेटर में थे। उन्होंने बताया कि घटना के समय वार्ड में 47 शिशु भर्ती थे। घटनास्थल का दौरा करने के बाद, झाँसी के डीआइजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि सभी मृतक नवजात थे, और 16 अन्य घायल हो गए।

54 बच्चे NICU वार्ड में थे भर्ती: सीएमएस
महारानी झांसी मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सचिन माहौर ने हादसे को लेकर कहा, "एनआईसीयू वार्ड में 54 बच्चे भर्ती थे। अचानक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अंदर आग लग गई, आग बुझाने के प्रयास किए गए लेकिन चूंकि कमरा अत्यधिक ऑक्सीजनयुक्त था, इसलिए आग तेजी से फैल गई। कई बच्चों को बचा लिया गया। 10 बच्चों की मौत हो गई। घायल बच्चों का इलाज चल रहा है।"

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