पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के जबरिया रिटायर केस मामले में यूपी सरकार का कैट को जवाब, कहा- हमारा फैसला सही था
लखनऊ, 10 अगस्त: उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को यूपी सरकार ने समय से पहले ही जबरन रिटायर कर दिया था। सरकार के इस फैसले को लेकर उन्होंने कैट में अपील की थी। अमिताभ ठाकुर की अपील के बाद केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने योगी सरकार से जवाब मांगा था। कैट की लखनऊ बेंच में दी गयी चुनौती पर राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल करते हुए फैसले को सही बताया है। सरकार के इस जवाब को लेकर पूर्व आइपीएस ने कहा कि उनका काम जवाब देना है लेकिन अंतिम फैसला कोर्ट ही करेगी कि उनका फैसला सही था या गलत था।

अमिताभ ठाकुर ने वन इंडिया डॉट काम से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। अब अदालत को तय करना है कि किसका पक्ष सही है। कोर्ट को अंतिम फैसला करने दीजीए। उम्मीद है कि अगले 15 से 20 दिनों में इस मामले में अंतिम सुनवाई हो जाएगी।
दरअसल, गृह विभाग के अनुसचिव शरद सक्सेना द्वारा दिए गए हलफनामे में कहा गया है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक हुई जिनके द्वारा अमिताभ के सर्विस रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें सेवा में रखने के योग्य नहीं पाया। इस आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जिसे स्वीकार करते हुए गृह मंत्रालय ने अनिवार्य सेवानिवृति का आदेश दिया, जिसके क्रम में राज्य सरकार ने 21 मार्च 2021 को अमिताभ को सेवानिवृत कर दिया।
यूपी सरकार ने कहा- अमिताभ को जनहित में रिटायर किया गया
हलफनामे के अनुसार यह पूरी कार्यवाही नियमों के अनुसार की गयी है और इसमें कहीं भी कोई कदाशयता नहीं है। उन्होंने कहा कि अमिताभ को जनहित में सेवानिवृत किया गया है, जिसमे कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि केंद्र सरकार पहले ही अपने हलफनामे में कुछ को सही बता चुकी है। अमिताभ ने अपनी याचिका में आदेश को पूरी तरह मनमाना तथा अस्पष्ट बताया था।
योगी सरकार ने अमिताभ समेत तीन अधिकारियों को दी थी सेवानिवृत्ति
अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पालिसी पर काम कर रही सूबे की योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1992 बैच के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर समेत तीन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति दे दी थी। केंद्र की सहमति के बाद जिन अफसरों की सेवाएं समाप्त की गई थी, उनमें 2005 बैच के राकेश शंकर और 2006 बैच के राजेश कृष्ण भी शामिल थे। हाल के दिनों में आईपीएस अफसरों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई हैं।
अमिताभ की मुलायम से अदावत चर्चा में रही थी
गौरतलब है कि पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर हमेशा चर्चा में रहे। मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी अदावत भी खूब सुर्ख़ियों में रही। इतना ही नहीं उन पर आय से अधिक संपत्ति मामले समेत कई अन्य आरोपों में भी घिरे रहे। वे दो बार निलंबित भी हुए। जांच लंबित होने की वजह से प्रमोशन भी नहीं मिला। कई संवेदनशील मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया की वजह से वे सरकार के लिए हमेशा मुसीबत खड़ी करते रहे।












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