'इंडिया ब्लॉक भानुमती का कुनबा': इसके लिए लोकसभा चुनाव को लेकर चिराग पासवान ने की ये भविष्यवाणी
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने गुरुवार को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया को 'भानुमती का कुनबा' बताते हुए दावा किया है कि यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ही बिखर जाएगा।
बिहार की जमुई लोकसभा सीट से सांसद चिराग पास ने इंडिया ब्लॉक को लेकर यह भी दावा किया है कि इसमें शामिल पार्टियां 'एक-दूसरे की खून की प्यासी हैं।' बीजेपी की सहयोगी पार्टी के नेता एक दलित सम्मेलन में शामिल होने के लिए यूपी के बलिया पहुंचे हुए थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्षी गठबंधन को लेकर ऐसे दावे किए हैं।

2024 के संसदीय चुनावों से पहले ही बिखर जाएगा इंडिया ब्लॉक- चिराग पासवान
उन्होंने कहा, 'इंडिया ब्लॉक भानुमती का कुनबा है, जो 2024 के संसदीय चुनावों से पहले ही बिखर जाएगा। 2019 के चुनावों से पहले भी ऐसी ही कोशिशें देखने को मिली होंगी।' इंडिया ब्लॉक को लेकर अपनी भविष्यवाणी के दावे को पुख्ता करने की वजह बताने की कोशिश में उन्होंने कहा, 'जब एक मंच पर एक दर्जन से ज्यादा प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे, तब वैसा गठबंधन कैसे कायम रह सकता है? ऐसे गठबंधनों में निजी महत्वाकांक्षाएं हावी रहती हैं।'
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के गठन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे प्रमुख भूमिका निभाई है और चिराग पासवान को उन्हीं की राजनीति का विरोध करने की वजह से कुछ समय के लिए बीजेपी से दूर रहना पड़ा है। पिछले साल अगस्त में जब नीतीश पलटी मारकर फिर से लालू यादव के साथ चले गए तो चिराग की बीजेपी के साथ वापसी आसान हो गई।
वहीं हाल में पारित हुए महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि इससे जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रधानमंत्री जरूर पूरा करेंगे। इन मागों में नारी शक्ति वंदन कानून में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटा देने की मांग भी शामिल है।
मनोज झा पर भी साधा निशाना
वहीं राजद सांसद मनोज झा के राज्यसभा में कथित 'ठाकुर-विरोधी' कविता कहने को लेकर कहा है कि यह उनकी 'बांटो और शासन करो' की नीति है। उन्होंने कहा, 'मनोज झा समाज में विभाजन पैदा करके अपना राजनीतिक हित साध रहे हैं। यह पहली बार नहीं है। यह उस पार्टी की सोच है, जिससे वे जुड़े हैं.....'
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 2021 में पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी से बनी है। इस पार्टी से चिराग अभी अकेले लोकसभा सांसद हैं। जबकि एलजेपी का दूसरा गुट एलजेपी (राष्ट्रीय) है, जिसके प्रमुख केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस हैं, जो हाजीपुर सीट से सांसद हैं। पारस चिराग के चाचा हैं और उनके खेमे वाली पार्टी में पांच लोकसभा सांसद हैं। अब दोनों ही गुट बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए का हिस्सा है। (इनपुट-पीटीआई)












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