वेस्ट यूपी में कांग्रेस ने जयंत को साधने के लिए चला डिप्टी CM का दांव, क्या चारों खाने चित होंगे अखिलेश ?
लखनऊ, 25 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अब बस कुछ ही महीने दूर है और सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी गोटियां सेट करने में लगी हुई हैं। कांग्रेस ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए आरएलडी को साधने की कौशिश में जुटी हुई है। हालांकि आरएलडी के नेता हमेशा से ये दावा करते रहे हैं कि सपा के साथ उनकी सैद्धांतिक सहमति बन गई है लेकिन राजनीति में संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं और इसीलिए कांग्रेस भी आरएलडी चीफ जयंत चौधरी को लुभाने में जुटी हुई है क्योंकि इसकी जिम्मेदारी जाट नेता दीपेंद्र हुड्डा को सौंपी गई है। सूत्रों का दावा है की कांग्रेस ने जयंत को डिप्टी सीएम बनाने का ऑफर भी दिया है लेकिन गेंद अब जयंत के पाले में है कि वो क्या फैसला लेते हैं। बताया जा रहा है कि जयंत भी इसमें अपने नफा नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।

पश्चिम में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है कांग्रेस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने पश्चिम में अपनी स्थिति मजबूत करने की जिम्मेदारी जाट नेता दीपेंद्र हुड्डा को सौंपी है। दीपेंद्र ही जयंत चौधरी को मानने में जुटे हैं। जयंत को कांग्रेस यह विश्वास दिलाने में जुटी है कि उनके हितों का पूरा ख्याल रखा जायेगा और उनको जितनी सीटें चाहिए वो भी दी जाएंगी। कांग्रेस को पता है कि पश्चिम में आरएलडी की स्थिति ठीक है। खासतौर से जिस तरह आरएलडी किसान आंदोलन के बहाने जाट मुस्लिम समीकरण को बनाने में जुटी है उससे पश्चिमी यूपी में बीजेपी के खिलाफ माहौल बना हुआ है। इसका लाभ कांग्रेस को मिल सकता है।

सपा से भी बारगेनिंग कर रही आरएलडी
उत्तर प्रदेश में किसानों के आंदोलन को साधने के लिए ही आरएलडी ने पूरी ताकत झोंक रखी है। जयंत चौधरी पश्चिम यूपी के 14 जिलों में जन आशीर्वाद पथ यात्रा निकाल रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि आरएलडी साथ आ गई तो पश्चिमी उप्र में बीजेपी को काउंटर करने में मदद मिलेगी। हालांकि आरएलडी के सूत्रों का दी है कि जयंत चौधरी कांग्रेस के साथ जाएंगे इस बात की संभावना काफी कम ही है। आरएलडी अखिलेश के साथ भी जयंत बारगेन करने में जुटे हुए है। बताया जा रहा है की अखिलेश को जयंत ने आश्वासन दिया है कि गठबंधन में सम्मानजनक सीटें दी जाएगी।

कांग्रेस ने जयंत को दिया डिप्टी सीएम बनाने का ऑफर
कांग्रेस ने चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रिय होने की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस ने जयंत के सामने प्रस्ताव रखा है की कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार बनी तो आपको डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। इसके लिए पार्टी आपको पूरी तरह से आश्वस्त कर रही है। लेकिन जयंत की तरफ से अभी कांग्रेस के इस प्रस्ताव पर कोई जवाब नही आया है। हालाकि कांग्रेस की 12 हजार किलोमीटर की प्रतिज्ञा यात्रा की शुरुवात हो चुकी है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने विधानसभा 40 फीसदी टिकट देने का एलान किया है। उसी तरह कांग्रेस ने किसान आंदोलन को केंद्र में रखते हुए किसानों का पूरा बकाया माफ करने का ऐलान किया है।

कांग्रेस नेता इमरान मसूद कांग्रेस सपा के गठबंधन का कर चुके हैं वकालत
दरअसल हाल ही में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा था कि वो साल 2017 में कांग्रेस और सपा के हुए गठबंधन का विरोध कर रहे थे। क्योंकि उस वक्त गठबंधन किया गया जब वक्त नहीं था कि दोनों पार्टी के कार्यकर्ता एक-दूसरे को समझ सके अपना तालमेल बैठा सके लेकिन 2022 के चुनाव में अभी वक्त है ऐसे में अगर अभी दोनों पार्टियों का गठबंधन होता है तो दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक-दूसरे को समझ सकेंगे और 2022 में दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाने की स्थिति में होंगी। इमरान मसूद ने कहा था कि वह चाहते हैं कि प्रदेश में योगी सरकार को 2022 में हटाया जाय लेकिन उसके लिए जरूरी है कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन हो, क्योंकि कांग्रेस और सपा का गठबंधन ही बीजेपी सरकार को उखाड़ने में कामयाब हो सकता है इसलिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा।

136 सीटों पर जाट वोटों के साथ मुस्लिम वोट की भी अहमियत
दरअसल पश्चिमी यूपी की 136 विधानसभा सीटों में से 55 में जहां जाट वोट मायने रखता है, वहां मुसलमानों की आबादी 30 प्रतिशत से अधिक है। अगर जाट-मुस्लिम वोट मिलाते हैं, तो यह कुल वोट का 40 प्रतिशत होगा। इसके लिए, 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के तुरंत बाद, 2014 के संसदीय चुनाव पर नजर डालें तो एक भी मुस्लिम सांसद नहीं चुना गया था। हालांकि, जाट-मुस्लिम एकता 2019 के लोकसभा चुनाव में देखी गई जब यूपी ने छह मुस्लिम सांसदों को संसद भेजा जिनमें पांच तो पश्चिमी यूपी से थे।

पश्चिमी यूपी में 70 फीसदी सीटों पर बीजेपी की कब्जा
पश्चिमी यूपी की 70 फीसदी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। यूपी विधानसभा में इसके 11 जाट विधायक हैं, जिनमें से चार, लक्ष्मी नारायण चौधरी, भूपेंद्र चौधरी, बलदेव सिंह औलख और उदय भान सिंह, योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं। पार्टी के तीन जाट सांसद बागपत से सत्यपाल सिंह, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान और फतेहपुर सीकरी से राजकुमार चाहर भी हैं। भाजपा पार्टी संगठन में पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल भी जाट हैं।












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