सहारनपुर: पुलिस ने हत्या आरोपियों के परिजनों से एसओ कार्यालय की कराई सफाई, लगवाया गया पोंछा
25 फरवरी को एक ग्रामीण की हत्या के मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में असफल पुलिस के हत्यारोपियों के परिजनों से थाने की सफाई कराने का मामला सामने आया है।
सहारनपुर। कभी कोतवाली में अपराधी की बाहरी लोगों से पिटाई कराए जाने तो कभी अन्य मामलों को लेकर जनपद पुलिस चर्चाओं में रही है। अब नानौता पुलिस पर कानून का मखौल उड़ाए जाने का नया मामला सामने आया है। नानौता थाने के पुलिसकर्मियों ने एक हत्याकांड में हत्यारोपियों के परिजनों से ही थाना परिसर की सफाई करा डाली। हिरासत में लिए गए आरोपियों के परिजनों से थाना परिसर की सफाई कराया जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नानौता पुलिस पर लगे आरोप
25 फरवरी को गांव भोजपुर में ग्रामीण सोमपाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में फरार हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने में असफल होने के बाद पुलिस की हताशा साफ तौर पर झलकने लगी है। अब पुलिस हत्यारोपियों को न पकड़ पाने की भड़ास हिरासत में लिए गए हत्यारोपियों के परिजनों पर निकाल रही है। शनिवार की सुबह पुलिस का एक अलग ही रूप देखने को मिला। करीब 11 बजे थाने पहुंचने पर देखा गया कि हत्यारोपियों के जिन तीन परिजनों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था उनसे पुलिस थाने की साफ-सफाई कराने में जुटी हुई थी।

25 फरवरी को हुई थी हत्या
थाना परिसर में बने थानाध्यक्ष कार्यालय और आवास से लेकर कम्प्यूटर कक्ष और हवालात से लेकर फरियादी कक्ष तक आरोपियों के परिजनों से झाड़ू-पोछा कराया गया। तकरीबन 50 साल के बुजुर्ग परिजन को थाना परिसर में पोछा लगाते देख थाने में आए लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। नानौता पुलिस का आदर्श चेहरा देखकर लग रहा था कि कानून की रक्षा करने वाले ही जब कानून की धज्जियां उड़ाने लगें तो कानून के पालन की आस किससे की जाए। उधर, इस मामले में थानाध्यक्ष मनोज यादव से जब इस प्रतिनिधि ने वार्ता की तो थानाध्यक्ष का कहना था कि थाने में साफ सफाई करने वालों को रखा गया है। उन्हीं से यह कार्य कराया जाता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।












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