Ikra Hasan News: करणी सेना के योगेंद्र राणा की टिप्पणी पर बवाल, सपा नेता बोले- संसद और समाज दोनों का अपमान
Ikra Hasan News: हाल ही में यूपी के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को लेकर करणी सेना के नेता योगेंद्र राणा द्वारा दिए गए बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इस टिप्पणी को बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बयान सिर्फ एक सांसद के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज और संसद की गरिमा पर हमला है।

डॉ. हसन ने सवाल उठाया कि जब एक महिला सांसद के बारे में खुलेआम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो सकता है, तो देश की आम बेटियों की सुरक्षा की कल्पना भी कैसे की जा सकती है? उन्होंने बताया कि यह मानसिक दिवालियेपन का संकेत है।
'शरीफजादी' पर सवाल, सरकार की चुप्पी पर निशाना
पूर्व सांसद ने कहा कि इकरा हसन एक सभ्य और पढ़े-लिखे परिवार से आती हैं। लंदन से शिक्षा प्राप्त कर देश की राजनीति में आईं इकरा के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करणी बेहद शर्मनाक है और ऐसे लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने योगेंद्र राणा के बयान को "ईव-टीजिंग" जैसी मानसिकता का परिणाम बताया और सरकार से सवाल किया कि क्या यही है 'बेटी बचाओ' का असली चेहरा? सरकार की चुप्पी पर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई।
हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का एजेंडा?
डॉ. हसन ने कहा कि ऐसे बयान केवल महिलाओं का अपमान नहीं करते, बल्कि जानबूझकर समाज में नफरत फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा है, जिससे चुनावी फायदा उठाया जा सके।
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज का समाज पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अब आम लोग भी समझ चुके हैं कि ऐसे भड़काऊ बयानों का मकसद क्या है, और वे इनसे प्रभावित नहीं होते।
'छोटी बहन' से रिश्ता, राजनीतिक नहीं- भावनात्मक जुड़ाव
एसटी हसन ने इकरा को अपनी 'छोटी बहन' बताते हुए कहा कि उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और दीनी रिश्ता है। उन्होंने पूछा, "क्या कोई अपनी बहन के लिए इस तरह की बात सुनकर चुप रह सकता है?"
यह भी उल्लेखनीय है कि खुद डॉ. हसन पूर्व में एक विवादित बयान के चलते कानूनी विवाद में घिर चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपने बयान को संवैधानिक और सामाजिक मर्यादाओं की रक्षा से जोड़ा।
योगेंद्र राणा द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो में इकरा हसन से "निकाह कबूल" करने की बात कही गई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने बिना धर्म बदले नमाज पढ़ने और ओवैसी बंधुओं से 'जीजा' बुलवाने की शर्त भी रखी।
बयान पर विवाद बढ़ते ही वीडियो को हटा लिया गया। लेकिन सवाल ये है कि क्या यह सब जानबूझकर किया गया था? विपक्ष ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व सांसद हसन ने स्पष्ट कहा कि पुलिस को इस बयान का संज्ञान लेना चाहिए और योगेंद्र राणा की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी पर यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे बयानों को लोग परंपरा बना लेंगे।












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