हाई प्रोफाइल तीन तलाक केस में अतिया के पति व ससुर गये जेल
अतिया साबरी के केस में उत्तराखंड पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
सहारनपुर। तीन तलाक के हाईप्रोफाइल मामले में इंसाफ पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रही अतिया साबरी की मुहिम रंग लाने लगी है। दहेज के लिए उत्पीड़न व जहर देकर मारने के आरोप में सहारनपुर कोर्ट के जारी किये गये गैर जमानती वारंटों पर कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी पति व ससुर को अदालत में पेश किया। न्यायालय ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

कोतवाली थाना मंडी के सराय अहमद अली मोहल्ला आली निवासी मजहर हसन की पुत्री अतिया साबरी ने दिसम्बर 2015 में आईपीसी की धारा 498ए/323 व दहेज प्रतिबंध अधिनियम 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अतिया साबरी के मुताबिक 25 मार्च 2012 को उसका विवाह वाजिद अली पुत्र सईद अहमद निवासी ग्राम सुल्तानपुर कुन्हारी थाना लक्सर जिला हरिद्वार उत्तराखंड के साथ हुआ था।
अतिया के मुताबिक सईद अहमद से उसके परिवार की पहले से ही रिश्तेदारी थी। सईद अहमद रिश्ते में अतिया के मौसा लगते थे। अतिया का आरोप है कि दहेज में उसके परिवार वालों ने हुंडई कार, कीमती घरेलू सामान, जेवरात आदि देते हुए करीब 25 लाख रुपये का खर्च किया था। अतिया का आरोप है कि दहेज के लालची ससुरालवाले 20 लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। लगातार उत्पीड़न के चलते अतिया के पिता ने उसके ससुरालियों को पांच लाख रुपये की रकम दे दी।

आरोप है कि इसके बाद ससुरालियों ने कार व जेवरात बेच डाले। दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न जारी रहा। इसी बीच अतिया ने दो पुत्रियों को जन्म दिया तो जुल्मो सितम और बढ़ गये। अतिया का आरोप है कि ससुरालिये बच्चे की डिलीवरी के दौरान उसे मारने का षड़यंत्र रच चुके थे। इन्फेक्शन होने पर भी ससुरालियों ने इलाज नहीं कराया। बाद में मायकेवालों ने जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। अतिया इस दौरान डेढ़ साल तक मायके में रही। आरोप है कि रिश्तेदारों ने बीच में पड़कर समझौता करा दिया।
ससुरालियों द्वारा प्रताड़ित न किये जाने के वादे पर अतिया सुल्तानपुर चली गई। आरोप है कि 13 नवम्बर 2015 की शाम करीब 12 बजे साजिश के तहत ससुरालियों ने जबरन अतिया को जहर पिला दिया। विवाहिता द्वारा शोर मचाने पर क्षेत्र के लोग इक्ठ्ठा हो गये। जानकारी मिलने पर अतिया का भाई रिजवान सुल्तानपुर पहुंच गया। विवाहिता का इलाज कराया गया, तब जाकर जान बची। अतिया ने पति वाजिद अली, ससुर सईद अहमद, सास मेहराज, देवर फरमान, ननद रेश्मा, नाजमीन व निशात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहे थे। इसी के चलते कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिये थे। कोर्ट द्वारा सख्ती दिखाये जाने पर मंगलवार को लक्सर थाने के दो सिपाही अनिल व राजेंद्र, आरोपी पिता पुत्र को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार के सामने लेकर पेश हुए। दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी अपनी दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने वाजिद व सईद की जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते कचहरी परिसर में दिनभर गहमा-गहमी रही।












Click it and Unblock the Notifications