Holi 2025 : काशी में बरसेगा कान्हा का रंग, मथुरा में उड़ेगी बाबा की भस्म, भक्तों में जबरदस्त उत्साह!
Holi 2025 : इस बार होली का रंग काशी और ब्रज के बीच एक आध्यात्मिक सेतु बनेगा। काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा के बीच विशेष धार्मिक आदान-प्रदान की तैयारी हो रही है। भगवान कृष्ण के रंग और प्रेम से सराबोर गुलाल बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा, तो वहीं काशी से बाबा की भस्म और अन्य धार्मिक सामग्री श्रीकृष्ण जन्मस्थान को भेंट स्वरूप भेजी जाएगी।
होली के इस पावन अवसर पर दोनों तीर्थस्थलों के बीच यह ऐतिहासिक पहल भक्तों के लिए एक अनोखा अनुभव होगी। मथुरा से भेजे गए गुलाल से काशी में रंगभरी एकादशी पर भगवान विश्वनाथ होली खेलेंगे, जबकि काशी से भेजी गई भस्म ब्रज में कान्हा के भक्तों पर उड़ाई जाएगी। इस आयोजन के माध्यम से दोनों तीर्थस्थलों के बीच आध्यात्मिक संबंध को और मजबूत किया जा रहा है।

काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान मथुरा के सचिव कपिल शर्मा ने इस विशेष आयोजन को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों मंदिर प्रबंधन के बीच ईमेल के माध्यम से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। काशी विश्वनाथ धाम से श्रीकृष्ण जन्मस्थान को अबीर, गुलाल, भस्म, वख और चॉकलेट भेंट की जाएगी, वहीं मथुरा से बाबा विश्वनाथ को अबीर, गुलाल, पिचकारी और प्रसाद भेजा जाएगा।
कृष्ण जन्मस्थान से काशी जाएगा अबीर-प्रसाद
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल नवमी (8 मार्च) को प्रातः 10 बजे मथुरा से गुलाल, अबीर, पटुक पटुका, पिचकारी एवं गुजिया-प्रसाद काशी विश्वनाथ धाम भेजा जाएगा। यह सामग्री एक भव्य शोभायात्रा के रूप में वाराणसी पहुंचेगी, जहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा।
रंगभरी एकादशी की कथा और महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रंगभरी एकादशी की कथा भगवान कृष्ण ने स्वयं राधा रानी को सुनाई थी। तब से इस पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। काशी विश्वनाथ धाम में भी यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है और अब इस आयोजन के माध्यम से मथुरा और काशी के बीच धार्मिक संबंध को और अधिक सशक्त किया जा रहा है।
काशी और मथुरा के इस आध्यात्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मंदिर प्रबंधन ने इस अनोखी पहल को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान दोनों ही स्थानों पर विशेष पूजन-अर्चन और होली उत्सव की धूम रहेगी।












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