• search

UP के 7 शहरों की हवा में घुला जहर,कानपुर-लखनऊ में सबसे अधिक मौत

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सांस लेना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। लखनऊ में प्रदूषण की वजह से मरने वालों की संख्या देश में देश के पूर्वी राज्यों के शहरों में दूसरी सबसे ज्यादा है। देश के 11 पूर्वी राज्यों के शहरों में वायु प्रदूषण की वजह से अकेले लखनऊ में 4127 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सबसे अधिक मौतें कानपुर में हुई हैं। यहां हवा में जहर की वजह से 4173 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा एक शोध से सामने आया है जिसे सेंटर ऑफ इंवॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवेलपमेंट व आईआईटी दिल्ली की ओर से साझा रुप से जारी किया गया है। जिसमे पिछले 17 साल के आंकड़ों को संकलित किया गया है।

     2000-2016 के बीच का आंकड़ा

    2000-2016 के बीच का आंकड़ा

    शोध में सामने आया है कि वर्ष 2000 से 2016 के बीच सांस लेने की समस्या से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस शोध को नो व्हाट यू ब्रीद के नाम से जारी किया गया है। इस रिपोर्ट में प्रदूषण स्तर को सैटेलाइट के जरिए रिकॉर्ड किया गया है। जिसमे खुलासा हुआ है कि सांस लेने वाली कई बीमारियों की वजह से एक वर्ष में लखनऊ में 4127 लोगों की मौत हो गई है। हवा में जहर की वजह से लोगों के फेफड़े, हृदय और सांस लेने की गंभीर बीमारी हो जाती है।

    जानलेवा हवा

    जानलेवा हवा

    हवा में जहर घुलने के लिए जिम्मेदार एक बड़ी वजह पीएम 2.5 है, जिसमे जानलेवा पार्टिकल होते हैं जिनका आकार 2.5 माइक्रोमीटर से भी छोटा है और वह लोगों के रक्त में प्रवेश कर जाता है। लखनऊ में पीएम 2.5 काफी ज्यादा है और यह 88 प्रति क्युबिक मीटर में मौजूद है जोकि निर्धारित मात्रा से दो गुना है। जबकि डबल्यूएयओ की निर्धारित मात्रा से यह आठ गुना अधिक है। सीईईडी की वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ज्योति ने बताया कि यह निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा है।

    11 शहरों की लिस्ट

    कानपुर 4173
    लखनऊ 4127
    पटना 2841
    आगरा 2421
    मेरठ 2044
    वाराणसी 1581
    इलाहाबाद 1443
    रांची 1096
    गोरखपुर 914
    मुजफ्फरनगर 531
    गया 710

    कुल 11 शहर शामिल

    कुल 11 शहर शामिल

    इस शोध में कुल 11 शहरों को शामिल किया गया है, जिसमे अकेले उत्तर प्रदेश के 7 शहर हैं। मेरठ में सबसे अधिक प्रदूषण का स्तर पाया या है, जबकि कानपुर में प्रदूषण की वजह से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार शहरी इलाकों में लकड़ी, कोयला आदि प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह है जिसकी वजह से लोगों की मौत हो रही है। ज्योति ने बताया कि हमने इन तमाम शहरों का आंकड़ा इकट्ठा किया है, यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग से लिया गया है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Dalit man was attacked for using sinh suffix in his name in Gujarat. Police has filed the case.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more