स्वारूपानंद और वासुदेवानंद दोनों को HC ने नहीं माना शंकराचार्य
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती दोनों ने खुद को इस पीठ का शंकराचार्य घोषित कर दिया था। यही मामला निचली अदालत के बाद HC में पहुंचा तो इसकी सुनवाई पूरी हुई।
इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिषपीठ शंकराचार्य विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्वरूपानंद और वासुदेवानंद दोनों को ही शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया। साथ ही तीन महीने में नया शंकराचार्य चुनने का आदेश दिया है। ये फैसला दोनों दावेदारों के लिए बड़ा झटका है। क्योंकि निचली अदालत के बाद उम्मीद थी कि हाईकोर्ट किसी एक के पक्ष में फैसला सुनाएगी। लेकिन न्यायालय ने दोनों के ही दावे को खारिज कर दिया।

HC ने नहीं माना दोनों को शंकराचार्य
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में ये भी स्पष्ट कर दिया कि नया शंकराचार्य परंपरा के अनुरूप ही चुना जाएगा। इसके लिए अब अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य, काशी विद्वत परिषद और भारत धर्म सभा मंडल मिलकर नया शंकराचार्य तय करेंगे। गौरतलब है कि आदि शंकराचार्य ने चार पीठ स्थापित किए हैं। जिनमें से एक उत्तराखंड का बद्रिकाश्रम ज्योतिषपीठ है। इसी ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य पद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती दोनों ने खुद को इस पीठ का शंकराचार्य घोषित कर दिया था। यही मामला निचली अदालत के बाद हाईकोर्ट में पहुंचा तो आज इसकी सुनवाई पूरी हुई और न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया।

डबल बेंच में हुआ फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति केजे ठाकुर की डबल बेंच ने की। सुनवाई पुरी होने के बाद आज न्यायलय ने 700 पन्नों का फैसला सुनाया है। न्यायालय ने जिला अदालत के दो साल पुराने फैसले को रद्द करते हुए तीन महीने तक यथास्थिति कायम रखने को कहा। हाईकोर्ट ने दोनों संतों के शंकराचार्य पद की दावेदारी को ना सिर्फ खारिज किया। बल्कि इस पद के धारण और नियुक्ति को भी गलत माना।

ये भी जरूर पढ़े
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य पद सन् 1960 से विवाद शुरू हुआ। 1989 में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती इस पीठ के शंकराचार्य बने। तब द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उनके खिलाफ इलाहाबाद की अदालत में याचिका दाखिल की। जिला अदालत ने 5 मई 2015 को फैसला सुनाया। अदालत ने स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को अवैध शंकराचार्य मानते हुए स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को शंकराचार्य होने का फैसला सुनाया। इस फैसले को वासुदेवानंद ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया। जिसमें फैसला आया और कोर्ट ने नया शंकराचार्य चुनने का आदेश दिया। एक तरह से अब अगले तीन महीने तक फिर से स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती शंकराचार्य माने जाएंगे। क्योंकि अदालत ने पुराने निर्णय को रद्द कर दिया है।
-
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट?












Click it and Unblock the Notifications