Hathras Stampede: स्वयंभू बाबा सूरज पाल ने बताई अपनी लोकेशन, 121 मौतों पर बोले- जो आया है उसे जाना ही है

Hathras Stampede Deaths: 2 जुलाई के हाथरस सत्संग में हुई भगदड़ में गई 121 लोगों की मौत के मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ज‍िसमें सत्संग के मुख्य आयोजक और धन जुटाने वाले देवप्रकाश मधुकर भी शाम‍िल हैं।

बुधवार यानी 17 जुलाई को स्वयंभू धार्मिक उपदेशक सूरज पाल उर्फ ​​'भोले बाबा' पहली बार सार्वजनिक रूप से मीड‍िया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्‍होंने कहा क‍ि मैं 2 जुलाई की घटना के बाद बेहद दुखी हूं, लेकिन जो होना तय है उसे कौन रोक सकता है? जो आया है उसे एक न एक दिन जाना ही है।

Hathras Stampede Updates

सूरज पाल ने बताई अपनी लोकेशन
साजिश का आरोप लगाते हुए, पाल, जिनका नाम एफआईआर में नहीं है, ने कहा क‍ि हमारे वकील डॉ एपी सिंह और प्रत्यक्षदर्शियों ने हमें एक जहरीले स्प्रे के बारे में बताया है। यह सच है कि कुछ साजिश है। हमें एसआईटी और न्यायिक आयोग पर भरोसा है और हमें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी... अभी, मैं अपने जन्मस्थान बहादुर नगर, कासगंज में हूं।

भोले बाबा के वकील ने दावा किया था कि "कुछ अज्ञात लोगों" द्वारा "कुछ जहरीला पदार्थ" छिड़कने से भगदड़ मची।
वकील ने बताया क‍ि गवाहों ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि 15-16 लोग जहरीले पदार्थ के डिब्बे लेकर आए थे, जिन्हें उन्होंने भीड़ में खोला। मैंने मारे गए लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी है और इससे पता चला है कि वे चोटों के कारण नहीं बल्कि दम घुटने से मरे हैं।

यूपी सरकार ने आयोजकों को दोषी ठहराया
उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भगदड़ के लिए 'सत्संग' आयोजकों को दोषी ठहराया था। सरकार ने निष्कर्षों के आधार पर स्थानीय उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम), एक सर्कल अधिकारी और चार अन्य को निलंबित कर दिया। एसआईटी के अनुसार, 'सत्संग' आयोजकों ने भीड़ को संभालने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कथित तौर पर 'तथ्यों को छिपाकर' अनुमति प्राप्त की।

एसडीएम भी दोषी?
जांच रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसडीएम ने कथित तौर पर आयोजन स्थल का निरीक्षण किए बिना 'सत्संग' के लिए अनुमति दे दी और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित नहीं किया। आयोजन समिति ने कथित तौर पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव और सेवानिवृत्त आईपीएस हेमंत राव की अध्यक्षता में एक अलग न्यायिक आयोग भी हाथरस भगदड़ मामले की जांच कर रहा है।

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