Hathras Stampede: 'यह सब एक साजिश, 15-16 लोगों ने कार्यक्रम के दौरान छिड़का जहर', भोले बाबा के वकील का दावा
हाथरस में एक धार्मिक सभा में भगदड़ के कारण 121 लोगों की मौत के मामले में रविवार यानी आज एक नया पेंच निकल आया है। आरोपी भोले बाबा का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील एपी सिंह ने भगदड़ के पीछे एक साजिश का लगाया है। जिसका श्रेय उन्होंने भोले बाबा की बढ़ती लोकप्रियता को दिया।
दावा किया कि यह दुर्घटना तब हुई, जब लगभग 15-16 लोगों के एक समूह ने कार्यक्रम के दौरान जहर छिड़क दिया। उन्होंने आगे दावा किया कि भगदड़ की वजह बनने के तुरंत बाद ये लोग कार्यक्रम स्थल से भाग गए।

वकील ने दावा किया कि भगदड़ की पहले से ही योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर लोगों को भागने में मदद करने के लिए वाहन खड़े थे। हमारे पास सबूत हैं और हम उन्हें पेश करेंगे। सिंह ने दावा किया कि उनसे संपर्क करने वाले गवाहों ने नाम न बताने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हम उनके लिए सुरक्षा की मांग करेंगे।
अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों ने कथित तौर पर इस कार्यक्रम के लिए अधिकतम 80,000 लोगों की उपस्थिति की अनुमति ली थी। हालांकि, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या 2.5 लाख से अधिक थी। भगदड़ के सिलसिले में अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वास्तव में क्या हुआ?
हाथरस में 2 जुलाई को भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में करीब 121 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना उत्तर प्रदेश के सिकंदरा राऊ थाना क्षेत्र के फुलराई गांव में धार्मिक समागम के समापन के दौरान हुई। बताया जाता है कि भगदड़ उस समय हुई, जब मंगलवार दोपहर को भोले बाबा का प्रवचन समाप्त होने के बाद भक्तजन उनसे आशीर्वाद लेने के लिए दौड़े, जिसके कारण अफरा-तफरी और दुखद परिणाम सामने आए।
जानलेवा भगदड़ के बाद 'भोले बाबा' ने क्या कहा?
6 जुलाई को भोले बाबा ने अपना पहला बयान जारी करते हुए कहा कि 2 जुलाई को हुई इस घातक घटना से उन्हें "बेहद दुख" हुआ है, जिसमें 121 लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों के साथ हैं और उन्हें राज्य के अधिकारियों पर पूरा भरोसा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि 2 जुलाई की घटना के बाद हम व्यथित हैं। ईश्वर हमें इस दुख से उबरने की शक्ति दे। हमें सरकार प्रशासन पर भरोसा रखना चाहिए। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने अपने वकील के माध्यम से कहा है कि हम इस दुख से गुजर रहे लोगों के साथ तन, धन और मन से खड़े हैं।
भोले बाबा ने मामले की जांच की मांग की
सूरजपाल उर्फ नारायण साकर हरि उर्फ भोले बाबा ने अपने वकील के माध्यम से मामले की जांच की मांग करते हुए राज्य प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई थी। यह बयान उनके एक धार्मिक समागम के दौरान हुई भगदड़ के बाद उनके गुप्त रहने के कुछ दिनों बाद आया है।
भोले बाबा कौन हैं?
भोले बाबा, जिन्हें नारायण साकार हरि के नाम से भी जाना जाता है, जिनका असली नाम सूरज पाल है, एक पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं, जो आध्यात्मिक नेता बन गए हैं और यूपी और पड़ोसी राज्यों में उनके बहुत से अनुयायी हैं। अपने प्रवचनों के दौरान, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में काम किया था और उत्तर प्रदेश पुलिस में भी सेवा की थी। उन्होंने दावा किया कि वे सेवा से सेवानिवृत्त हुए और फिर आध्यात्मिक नेता बन गए। वे एटा के पटियाली तहसील के बहादुर नगरी गांव के रहने वाले हैं।












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