Hathras Satsang Stampede: हाथरस भगदड़ का सच आएगा सामने, तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन
Hathras Satsang Stampede Incident: हाथरस में मंगलवार (02 जुलाई) को आयोजित 'भोले बाबा' के सत्संग में भगदड़ गई, जिसमें 121 लोगों की जान चली गई। अब इस घटना की जांच के लिए राज्यपाल ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।
इससे पहले बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे, जहां उन्होंने जिला अस्पताल में एडमिट घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की, और फिर सिकंदराराऊ में उस स्थान पर पहुंचे, जहां भगदड़ के दौरान हादसा हुआ था।

न्यायिक जांच आयोग गठित
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद सीएम योगी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाई जाएगी। इसके बाद अब हाथरस भगदड़ हादसे की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग गठित कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने विषय वस्तु की व्यापकता और जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।
भगदड़ का सच आएगा सामने
गठित किए गए न्यायिक आयोग में हाईकोर्ट के रिटायर जज ब्रजेश श्रीवास्तव के साथ रिटायर्ड आईएएस हेमंत राव और रिटायर्ड आईपीएस भावेश कुमार सिंह होंगे। आयोग 02 जुलाई को हुई घटना की जांच करेगा और जांच के बाद राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगा।
एसआईटी ने एक रिपोर्ट सौंपी
वहीं इस हादसे को लेकर सरकार ने अपर पुलिस महानिदेशक आगरा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया है, जिसने एक रिपोर्ट दी है। जिसमें घटना की तह तक जाने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बहुत सारे ऐसे पहलू हैं, जिनकी जांच बेहद जरूरी है।












Click it and Unblock the Notifications