आरिफ ने सारस को साथ रखकर किया था अपराध? जानें किन पशु-पक्षियों को पालने पर हो सकती है जेल

अमेठी के मो. आरिफ और सारस की दोस्ती सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। अब सारस को वन विभाग अपने साथ ले गया है।

Had Arif committed the crime by keeping Saras with him know all about wild life protection act 1972

अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती की कहानी को पूरे देश ने देखा और सराह, लेकिन इस दोस्ती का अंत अच्छा नहीं रहा। वन विभाग के कर्मचारी जहां सारस को अपने साथ ले गए। वहीं दूसरी ओर यूपी सरकार ने आरिफ के उपर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर दिया। जिसकी अब हर कोई आलोचना कर रहा है। बता दें कि सारस समेत कई ऐसे पशु और पक्षी हैं जिन्हें पालना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध माना जाता है। आज हम इस स्पेशल अधिनियम पर बात करेंगे।

कहानी सारस और आरिफ की दोस्ती की
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम पर बात करने से पहले हम उस कहानी को जान लेते हैं। जिसे लेकर ये सुर्खियों में हैं। अमेठी के मो. आरिफ को अगस्त 2022 में अपने घर के पास एक सारस घायल अवस्था में मिला था। जख्मी सारस को आरिफ अपने घर ले आए थे। आरिफ ने उसकी मरहम-पट्टी कर जान बचाई। उसकी घर पर रखकर देखभाल की। धीरे-धीरे जख्मी सारस और आरिफ दोस्त बन गए। आरिफ को लगा कि सारस ठीक होकर उड़ जाएगा। लेकिन सारस उनके साथ ही रह गया। जब आरिफ कहीं जाते थे, तो सारस भी उनके साथ चल देता था। वह अपनी थाली में सारस को खाना खिलाते थे। जिसके बाद सारस और आरिफ की दोस्ती धीरे-धीरे वायरल हो गई।

सारस और आरिफ की दोस्ती में राजनीति की एंट्री
सारस और आरिफ की दोस्ती के वीडियो जब वायरल हुए तो हर किसी को उनकी दोस्ती बहुत प्यारी लगी। वीडियो वायरल होने के बाद यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आरिफ और सारस की दोस्ती देखने पहुंचे। अखिलेश ने सारस के साथ साथ तस्वीरें लीं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर सारस और आरिफ की दोस्ती की चर्चा शुरू हो गई। यह खूबसूरत दोस्ती वन विभाग को पसंद नहीं आई। 21 मार्च को उत्तर प्रदेश के वन विभाग की एक टीम आई और सारस को अपने साथ ले गई। सारस फिलहाल कानपुर के चिड़ियाघर में है।

आरिफ पर दर्ज कर दिया गया केस
वन विभाग की टीम सारस को ले गई। यहां तक तो लोगों को कोई आपत्ति नहीं हुआ, लेकिन जब वन विभाग ने आरिफ के उपर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज कर दिया। उन्हें सारस को अपने साथ रखने के लिए जवाब देने के लिए कहा गया। यह कानून जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए बना था। उन्हें 4 अप्रैल को वन विभाग ने तलब किया है।

Had Arif committed the crime by keeping Saras with him know all about wild life protection act 1972

क्या है वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 को देश के वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान करने एवं अवैध शिकार, तस्करी और अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया था। जनवरी 2003 में अधिनियम में संशोधन किया गया था और सजा और अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जुर्माना और अधिक कठोर बनाया गया था। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत जिन पशु-पक्षियों के पालन पर पाबंदी है, उनमें सारस भी शामिल है। नियमों के मुताबिक आरिफ को सारस का उपचार करके तुरंत वन विभाग या पुलिस को 48 घंटे के अंदर सूचित करना चाहिए था। जिसकी जानकारी आरिफ ने नहीं दी थी। जिसके चलते उन पर केस दर्ज किया गया है।

इन जीवों को पालने पर लगा है प्रतिबंध
वाइल्डलाइफ एक्ट में किसी पशु-पक्षी को कैद करने पर प्रतिबंध है। इस एक्ट के तहत बाघ, चीता, भालू, बंदर, तोता, मोर, बत्तख (कुछ प्रजातियां), तीतर, उल्लू, बाज, ऊंट, हाथी, हिरन, सफेद चूहा, सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल, ​​​​कछुआ जैसे पशु-पक्षी पालना अपराध की श्रेणी में आता है। इन्हें पालने पर देश में प्रतिबंध लगाया गया है। भारत में लोगों को कुत्ता, बिल्ली, गाय, भैस, बकरी, कबूतर (कुछ प्रजाति), भेड़, खरगोश, मुर्गा, छोटी मछली के पालन की अनुमति दी गई है।

आरिफ पर लगाई गईं हैं ये धाराएं
प्राधिकरण ने आरिफ पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन करने के आरोप में धारा 2, 9, 29, 51 और धारा 52 के तहत केस दर्ज किया है। एक्ट की धारा 51 के तहत, अपने मनोरंजन के लिए किसी पशु-पक्षी या जानवर की जिंदगी से छेड़छाड़ करने अपराध की श्रेणी में आता है। अगर कोई शख्स इन अपराधों का दोषी पाया जाता है। उसे 7 साल की सजा या 25 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

अब किस हाल में है सारस

सारस को आरिफ से जुदा कर कानपुर प्राणी उद्यान लाया गया है। आरिफ का साथ छूटने के बाद से सारस दुखी है। वह ठीक से खाना नहीं खा रहा है। सारस दिनभर उदास एक कोने में बैठा रहा। खुले माहौल में रहने वाला सारस अब पिजड़े में खुश नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वह ठीक से खाना नहीं खा रहा है। आरिफ से सारस को अलग करने की खबर की लोगों ने आलोचना की है।

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