Gyanvapi masjid:'शिवलिंग' को लेकर शंकराचार्य के शिष्य की घोषणा, इस दिन करेंगे पूजा
वाराणसी, 2 जून: एक प्रमुख हिंदू संत ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले 'शिवलिंग' की पूजा करने को लेकर बड़ी घोषणा की है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य ने गुरुवार को इस बात ऐलान करते हुए कहा है कि वे और उनके शिष्य शनिवार यानी 4 जून को उस 'शिवलिंग' की पूजा-अर्चना करेंगे। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कोर्ट के निर्देश पर हुए सर्वे के दौरान वहां मौजूद वजूखाने से यह शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, जिसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने आदेश दे रखा है।

ज्ञानवापी: शनिवार को पूजा करेंगे- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को ज्ञानवापी मस्जिद में स्थित 'शिवलिंग' की पूजा करने की घोषणा के साथ यह भी कहा है कि यदि प्रशासन उन्हें ऐसा करने से रोकता है, तो वे शंकराचार्य को इसकी जानकारी देंगे और उनकी ओर से मिले निर्देशों का पालन करेंगे। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती गुजरात के द्वारका स्थित शारदा पीठम और बद्रीनाथ के ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संवाददातओं से कहा है, 'धर्म के मामले में धर्माचार्यों का निर्णय अंतिम है। जैसे सुप्रीम कोर्ट कानून की व्याख्या करता है, धर्म की व्याख्या धर्माचार्यों के द्वारा किया जाता है। सनातम धर्म में शंकराचार्य सबसे बड़े आचार्य हैं और स्वरूपानंद सबसे वरिष्ठ हैं।'
'हम लोग राजनीतिक हिंदू नहीं हैं, बल्कि असली हैं'
उन्होंने कहा है, 'ज्ञानवापी में विश्वनाथ जी मिले हैं और हम हिंदू समाज की ओर से पूजा के लिए सामग्री एकत्र कर रहे हैं।' शनिवार को पूजा करने की बात पर जोर देते हुए वे बोले, 'हम लोग राजनीतिक हिंदू नहीं हैं, बल्कि असली हैं।' दरअसल, पिछले महीने शृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में जब हिंदू याचिकाकर्ता महिलाओं के दावे के आधार पर कोर्ट के निर्देश पर सर्वे किया गया था, तो वहां वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। इससे संबंधित तस्वीरें भी सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर सामने आ चुकी हैं।
4 जुलाई को कोर्ट में होनी है अगली सुनवाई
हालांकि, मुस्लिम पक्ष का लगातार दावा है कि जिसे शिवलिंग कहा जा रहा है, वह एक फव्वारा है, जहां नमाजी नमाज पढ़ने से पहले हाथ-पैर धोकर खुद को साफ करते हैं। वाराणसी की एक अदालत ने पांच हिंदू महिलाओं की याचिका पर मस्जिद परिसर की वीडियोग्राफी कराने काआदेश दिया था। हिंदू महिलाओं की मांग है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की बाहरी दीवारों पर मौजूद हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों पर प्रतिदिन पूजा की अनुमति दी जाए। वाराणसी जिला अदालत में इस मामले की सुनवाई अब 4 जुलाई को होनी है।












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