Gyanvapi case: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2 दिन के लिए टाला फैसला, अब 17 नवंबर को आएगा जजमेंट
Gyanvapi case, ज्ञानवापी मामले में वाराणसी की सिविल फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद सिविल जज सीनियर डिविजन महेंद्र कुमार पांडे की ने 2 दिन के लिए फैसला टाल दिया है। अब 17 नवंबर को ये फैसला सुनाया जाएगा कि मामला सुनने योग्य है या नहीं। फैसला मंदिर की पोषणीयता पर होना था।
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वाराणसी का फास्ट ट्रैक कोर्ट किरण सिंह बिसेन द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रहा था। सोमवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पिछली तारीख में निर्णय सुरक्षित रख लिया था। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने कहा कि कोर्ट ने अपना फैसला तैयार कर लिया है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के चलते 2 दिन का और समय लिया है। कोर्ट का कहना है कि ऑर्डर तैयार करने में समय लग रहा है।
इससे पहले इस मुकदमे की सुनवाई 8 नवंबर को ही होनी थी। मगर, कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के छुट्टी पर होने की वजह से 14 नवंबर की अगली डेट फिक्स कर दी गई थी। कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपनी बहस पूरी कर उसकी लिखित प्रति दाखिल कर चुके हैं।आपको बता दें कि, कि विश्व वैदिक सनातन संघ (वीवीएसएस) द्वारा यह प्रार्थना करते हुए मुकदमा दायर किया गया कि पूरे ज्ञानवापी परिसर का कब्जा हिंदुओं को सौंप दिया जाए और वादियों को स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर की पूजा करने और पूजा करने की अनुमति दी जाए।
किरन सिंह की 3 मांगे
ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष का प्रवेश प्रतिबंधित हो।
ज्ञानवापी का पूरा परिसर हिंदुओं को सौंपा जाए।
ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित ज्योतिर्लिंग की नियमित पूजा-पाठ करने दिया जाए।
दरअसल यह अलग मुकदमा है। जिसका 5 हिंदू महिला उपासकों द्वारा वाराणसी कोर्ट के समक्ष लंबित अन्य मुकदमे से कोई संबंध नहीं है। जो ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर प्रार्थना करने के लिए साल भर के अधिकार की मांग करता है।वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर मां श्रृंगार गौरी की पूजा की याचिका की सुनवाई को मंजूरी दे चुका है।












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