GST: 75 लाख रुपए सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी अपनाएं ये समाधान योजना
जो 75 लाख सालाना टर्नओवर और योग्य कर के साथ बिना कर वाले माल की बिक्री कर रहे हैं। उनके लिए ये जान लेना जरूरी है।
इलाहाबाद। जीएसटी टैक्स में अपने लिए राहत ढूंढ रहे व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। खास कर ऐसे व्यापारी जो कर योग्य वाले माल के साथ बिना कर वाले माल की बिक्री भी करते हैं। अगर उनका टर्नओवर 75 लाख रुपए सालाना तक के दायरे में हैं। तो वो समाधान योजना का इस्तेमाल कर राहत प्राप्त कर सकते हैं। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने बताया कि वाणिज्य कर विभाग की ओर से इसकी सूचना जारी की गई है और व्यापारियों को जागरुक किया जा रहा है।

अगर 75 लाख रुपए सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी समाधान योजना को अपनाना चाहते हैं तो इसका फंडा एकदम सीधा है। आप एक प्रतिशत टैक्स जमाकर समाधान योजना का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन ये उन्हीं व्यापारियों के लिए है। जो 75 लाख वार्षिक टर्नओवर और योग्य कर के साथ बिना कर वाले माल की बिक्री कर रहे हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया वाणिज्य कर विभाग के स्थानीय कार्यालय में हो सकेगी। साथ ही यहां व्यापारियों को परामर्श व योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी।
कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि कपड़ा कारोबारियों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। वो रजिस्ट्रेशन जरूर कराए। इससे व्यापारी माल को बेचने और टैक्स चोरी में नहीं फसेंगे। समाधान योजना सीधे तौर पर ऐसे व्यापारियों की मिलेगी। जिन्होंने अपना पंजीकरण कराया हो।
तो आप भी अगर कर योग्य वाले माल के साथ बिना कर वाले माल की बिक्री भी करते हैं। आज भी स्थानीय वाणिज्यिक दफ्तर में संपर्क करें और समाधान योजना की पूरी जानकारी मांगें। इसके बाद इस योजना का लाभ उठाए।
जन सुविधा केंद्र में भी कराएं रजिस्ट्रेशन
जीएसटी लागू हो जाने के बाद से जी का जंजाल बने नियमों ने व्यापारी वर्ग को परेशान कर रखा है। जिसका सबसे बड़ा कारण नियमों की जानकारी न होना व ऑनलाइन प्रक्रिया न अपनाना है। हाल तो ये है कि व्यापारी रजिस्ट्रेशन तक को लेकर परेशान हैं कि रजिस्ट्रेशन कराते ही न जाने कौन सी मुसीबत उन पर टूट पड़े। लेकिन उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र में जाए। यहां साधारण प्रक्रिया से व्यापारी जीएसटी माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन आदि काम करा सकेंगे।
जल्द ही शहर ग्रामीण इलाके में यानी तहसील और कस्बों में भी शिविर लगाए जाएंगे। वहां भी रजिस्ट्रेशन के साथ जागरुकता का अभियान चलाया जाएगा। जिससे व्यापारियों को कामकाज का तरीका भी बताया जाएगा। मुकेश मेश्राम ने बताया कि ये बहुत ही सरल कर प्रक्रिया है और इससे तमाम करों की जटिलता समाप्त होगी।












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