Ghazipur Lok Sabha उपचुनाव में राजभर के बेटे अरुण पर दांव लगा सकती है बीजेपी! गठबंधन को लेकर चर्चा हुई तेज
Ghazipur Lok Sabha By Election: लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई और उठापटक का दौर जारी है। इस बीच सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ओम प्रकाश राजभर जल्द ही सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के गठबंधन में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, राजभर के ताजा बयानों से उनके मायावती और विपक्ष के साथ जाने की चर्चाओं से यूपी की सियासत गरमाई हुई है। इस बीच ऐसी खबरें आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) गाजीपुर लोकसभा उपचुनाव में ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर पर दांव लगा सकती है।

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी से गठबंधन के लिए उनके सामने कुछ शर्तों रखी है। सुभासपा अध्यक्ष द्वारा रखी गई शर्तों पर बीजेपी विचार विमर्श कर रही है। तो वहीं, सुभासपा से गठबंधन मामले पर खुद गृहमंत्री अमित शाह नजर बनाए हुए हैं।
इस मामले में अगले एक हफ्ते तक बीजेपी इसपर अपना फैसला ले सकती है। बता दें कि गाजीपुर की सीट माफिया मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को चार साल की सजा सुनाए जाने के बाद से खाली पड़ी है। इस सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने की चर्चाएं है और बीजेपी इस सीट पर किसी भी कीमत पर अपना कब्जा चाहती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने हाल ही में इस मुद्दे को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकत की थी। इस मुलाकात के बाद यह माना जा रहा है कि बीजेपी गाजीपुर उपचुनाव में राजभर के बेटे को चुनाव लड़ा सकती है या फिर वह सीट सुभासपा के लिए छोड़ सकती है।
वहीं, चर्चा हैं कि बीजेपी के साथ पूर्ण गठबंधन होने पर ओम प्रकाश राजभर को योगी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। आपको बता दें कि 2016 में भाजपा सुभासपा गठबंधन के पीछे भी अमित शाह का ही हाथ था। तो वहीं अब भी इस गठबंधन पर खुद अमित शाह नजर बनाए हुए।
खबर के मुताबिक, गाजीपुर में करीब राजभर की तादाद सवा तीन लाख के करीब है। गाजीपुर लोकसभा सीट में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से पांच सीटें सपा और दो सीटें ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा के पास हैं। यहां पर बीजेपी की एक भी सीट नहीं हैं। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भी बसपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी के सामने भाजपा चुनाव हार गई थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि बीजेपी की आंतरिक रिपोर्ट में गाजीपुर सीट पर पार्टी के पक्ष में माहौल बनता नहीं दिखाई दे रहा है। तो वहीं, बीजेपी नेता मनोज सिन्हा भी गाजीपुर से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। ऐसे में बीजेपी इस बात पर मंथन कर रही है कि इस सीट पर कैसे चुनाव लड़ा जाए। इस वजह से वह सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर पर दांव लगा सकती है।
लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले गाजीपुर लोकसभा सीट को बीजेपी किसी भी कीमत पर जीतने की कोशिश करेगी। आम चुनाव से पहले इस सीट पर जीत के कई संदेश भी जाएंगे। चूंकि इस बार अफजाल के परिवार से भी इस सीट पर किसी को सपा से उतारा जा सकता है, इसलिए जातीय गणित के हिसाब से अरुण राजभर बीजेपी के लिए सही फैसला हो सकता है।
हालांकि, इस बीच लोकसभा चुनाव 2024 में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी का विजय रथ रोकने के लिए सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। राजभर ने कहा, 'अगर अखिलेश यादव को चुनाव जीतना है तो जयंत चौधरी,ओम प्रकाश राजभर और मायावती को साथ लेकर लड़ेंगे तभी सफलता मिलेगी वरना नहीं मिलेगी।' इतना ही नहीं, राजभर ने विपक्षी दलों को मायावती को प्रधानमंत्री का चेहरा मानकर उनको मना लेने की सलाह दी।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि BSP प्रमुख मायावती कुशल शासक रही हैं 13 प्रांतों में उनकी पार्टी का जनाधार है और देश में वे एक बड़ा चेहरा है। विपक्ष को मायावती को प्रधानमंत्री का चेहरा मानकर उनको मना लेना चाहिए। जब तक उनको साथ नहीं लेंगे तब तक यहां (यूपी) चाहे ममता बनर्जी, केसीआर, लालू यादव या चाहे कोई भी आ जाए..यूपी में कोई मतलब नहीं है। मतलब अगर है तो पश्चिम में जयंत चौधरी, पूर्व में ओम प्रकाश राजभर और पूरे प्रदेश में 80% लोकसभा सीट का मतलब है तो बहुजन समाज पार्टी से है इन तीनों के बगैर विपक्षी एकता बेकार है।
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