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Ghaziabad Sisters Last Letter: तीनों बहनों को क्या-क्या पसंद था? डायरी में लिखे आखिरी नोट ने खोले कई गहरे राज

Ghaziabad Sisters Last Letter: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से सामने आई तीन सगी बहनों की सामूहिक जान देने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 12, 14 और 16 साल की इन नाबालिग बहनों की मौत के बाद डिजिटल लत, BTS कोरियन फैन कल्चर, मानसिक स्वास्थ्य और माता-पिता का बच्चों के बीच संवाद की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ रहा है।

इस घटना के बाद पुलिस को मौके से एक 8 पन्नों का सुसाइड नोट, और उनकी डायरी मिला है, जो तीनों बहनों ने मरने से पहले अपने परिवार के लिए लिखा था।

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उनके इस आखिरी खत में उन्होंने अपनी भावनाएं, परिवार के लिए नाराजगी, कोरियन पसंद और उस दुनिया का जिक्र किया है, जिसमें वे पूरी तरह डूबी हुई थीं।

Ghaziabad Sisters Last Note: कोरियन कल्चर की दीवानगी बनी परिवार से टकराव की वजह?

सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों से साफ होता है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर, के-पॉप, कोरियन ड्रामा, गेम्स, पॉप सॉन्ग और कोरियन एक्टर्स की जबरदस्त दीवानी थीं। यह दीवानगी इतनी गहरी थी कि उन्होंने कई बार अपने माता-पिता से कोरिया जाने और वहीं पढ़ाई करने की जिद की थी।

मीडिया से बातचीत में बहनों के पिता ने बताया कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात करती थीं और वहां के स्कूलों में पढ़ना चाहती थीं। उन्होंने कुछ स्कूलों में एडमिशन कराने की कोशिश भी की, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर यह कहकर मना कर दिया कि पहले बच्चों का मानसिक इलाज कराया जाए, क्योंकि वे पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थीं।

पिता के अनुसार, कोरियन कल्चर को लेकर तीनों बहनों की दीवानगी के चलते घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ था। परिवार उन्हें समझाने की कोशिश करता था, लेकिन वे खुद को न समझा हुआ महसूस करती थीं।

Korean Culture Obsession Link: डायरी में लिखे नोट चौंकाने वाले

तीनों बहनों की डायरी और 8 पन्नों के सुसाइड नोट में बेहद चौंकाने वाली बातें लिखी हैं। उन्होंने साफ तौर पर यह महसूस कराया कि उन्हें लगता था कि उनके माता-पिता उनकी पसंद को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और बार-बार रोकते हैं। उनकी डायरी में लिखा गया -अब तो यकीन हो गया है कि कोरियन और के-पॉप हमारी जान है। जितना हम कोरियन एक्टर और के-पॉप ग्रुप को चाहते थे, उतना हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे। कोरियन तो हमारी जान थी।

हालांकि, उन्होंने यह भी लिखा कि कोरियन कल्चर के अलावा भी कुछ ऐसी चीजें थीं, जिन्हें वे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती थीं। उन्होंने माता-पिता के लिए अपनी पसंदीदा चीजों की एक पूरी लिस्ट अपनी डायरी में नोट की।

डायरी में पसंदीदा चीजों की लंबी लिस्ट

तीनों बहनों ने अपने सुसाइड नोट में विस्तार से उन चीजों का ज़िक्र किया है, जिनसे वे सबसे ज्यादा जुड़ी हुई थीं। यह लिस्ट बताती है कि उनकी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा डिजिटल और एंटरटेनमेंट की दुनिया में सिमट चुका था।

सुसाइड नोट में लिखी पसंदीदा चीजें इस प्रकार हैं:

  • कोरियन एक्टर्स, K-Pop के सभी ग्रुप्स
  • कोरियन फिल्में और कोरियन BL ड्रामा
  • चाइना एक्टर्स, चाइना सॉन्ग्स, चाइना मूवीज़ और चाइना BL
  • थाई एक्टर्स, थाई सॉन्ग्स, थाई मूवीज़ और थाई BL ड्रामा
  • जापान एक्टर्स, जापानी गाने, फिल्में और जापान BL ड्रामा
  • अमेरिका और लंदन के एक्टर्स, खासकर Wednesday Addams
  • सभी इंग्लिश और हॉलीवुड सॉन्ग्स

मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स जैसे:

  • Poppy Playtime (सभी कैरेक्टर्स)
  • The Baby in Yellow
  • Evil Nun
  • Ice Cream Man
  • Ice Game
  • Techno Gamers के गेमप्ले (उज्जवल गेमर्स)

कार्टून शोज:

  • डोरेमोन
  • शिनचैन
  • PJ Masks
  • माशा एंड द बीयर
  • शिमर एंड शाइन
  • पेप्पा पिग

डिज़्नी प्रिंसेस और कैरेक्टर्स:

  • एल्सा, अन्ना, सिंड्रेला, एरियल, अरोरा, जैस्मिन, रैपुंज़ेल, मुलान
  • सभी प्रिंस और प्रिंसेस

नोट के अंत में लड़कियों ने लिखा-ये सारी चीजें हमारी पसंदीदा थीं, जिन्हें हम दिल से भी ज्यादा पसंद करते थे। लेकिन कोरियन और के-पॉप सबसे पहले थे।

Ghaziabad Sisters Death Case में कई सवाल अब भी बाकी

पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी तरह के डेथ गेम या सीधे आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन कंटेंट के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है-डिजिटल एक्टिविटी, सोशल मीडिया, गेमिंग हिस्ट्री और मानसिक स्थिति सभी की पड़ताल हो रही है। गाजियाबाद की यह घटना डिजिटल एडिक्शन, फैन कल्चर की अति, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पैरेंटिंग पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की पसंद को पूरी तरह खारिज करना या उन पर सिर्फ पाबंदियां लगाना समाधान नहीं है। संवाद, समझ और समय पर मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान बेहद ज़रूरी है।

नोट: यह खबर जागरूकता के उद्देश्य से लिखी गई है। यदि आप, आपके बच्चे या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत नजदीकी हेल्पलाइन या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स से संपर्क करें। आपका एक जागरुक कदम किसी जिंदगी को बचा सकता है।

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