Gangster Sanjeev Jeeva: कौन था संजीव जीवा? जिसकी लखनऊ कोर्ट में गोली मारकर हुई हत्या
Gangster Sanjeev Jeeva: गैंगस्टर संजीव जीवा को लखनऊ सिविल कोर्ट के अंदर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है। हमलावर वकील के भेष में कोर्ट पहुंचे थे, जिन्होंने फायरिंग कर संजीव जीवा की हत्या कर दी।

Who was Sanjeev Jeeva: माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के बीच की गई थी। जिसके बाद अब खुलेआम हथियार से लैस बदमाश ने लखनऊ सिविल कोर्ट के अंदर पश्चिम यूपी के बड़े बदमाश संजीव जीवा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हमलावर वकील के भेष में कोर्ट पहुंचा था। गैंगस्टर संजीव जीवा बीजेपी नेता ब्रह्म दत्त द्विवेदी की हत्या का आरोपी था और उसे सुनवाई के लिए कोर्ट में लाया गया था। गोली लगने से जीवा मौके पर ही गिर पड़ा, जबकि एक पुलिस अधिकारी भी फायरिंग में घायल हुआ है।
कौन था संजीव जीवा?
संजीव माहेश्वरी, जिसे अपराध की दुनिया में संजीव जीवा के नाम से भी जाना जाता था, मुजफ्फरनगर का कुख्यात गैंगस्टर था। शुरुआती दिनों में वो एक डिस्पेंसरी में कंपाउंडर का काम किया था, लेकिन बाद में उसी डिस्पेंसरी के मालिक का उसने अपहरण कर लिया गया था।
खुद की बनाना चाहता था गैंग
इस घटना के बाद 1990 के दशक में उसने कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का अपहरण किया और फिरौती में दो करोड़ की मांग थी। इसके बाद वह हरिद्वार नाजिम गिरोह में शामिल हो गया और बाद में सतेंद्र बरनाला से उसकी दोस्ती हो गई। लेकिन उसके अंदर खुद की गैंग बनाने की ख्वाहिश थी।
मुख्तार, मुन्ना बजरंगी और भाटी गैंग के लिए करता था काम
गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के करीबी सहयोगी संजीव माहेश्वरी जीवा बीजेपी विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के मामले में सह-आरोपी था, जिसमें मुख्तार अंसारी भी एक आरोपी है। उसे मुन्ना बजरंगी का करीबी भी कहा जाता था। जीवा मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी के अलावा भाटी गैंग के लिए काम करता था। उसके खिलाफ तीन दर्जन के करीब मामले दर्ज बताए जाते हैं।
लखनऊ जेल में बंद जीवा वहीं से अपनी गैंग ऑपरेट करता था। उस पर 2017 में कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड में शामिल होने का भी आरोप लगा। इस केस में जीवा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।












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