Ganga Expressway: प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे पर कब से दौड़ने लगेंगे वाहन, जानें ताजा अपडेट
Ganga Expressway: प्रयागराज से मेरठ तक का सफर अब और भी सुगम होने वाला है। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और दो नवंबर से इस शानदार एक्सप्रेसवे पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। इसके शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
इस परियोजना में प्रयागराज की सोरांव तहसील के करीब 20 गांव शामिल हैं। पिछले कुछ सालों में यहां जमीन अधिग्रहण और निर्माण से जुड़े कार्य तेजी से हुए हैं। एक्सप्रेसवे को पहले महाकुंभ के आयोजन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब यह कार्य नवंबर के पहले हफ्ते में संपन्न होगा।

अधिकारियों के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में करीब 88 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। अब केवल कुछ जगहों पर सड़क मिलान और फिनिशिंग का कार्य बाकी है। दो नवंबर की तारीख तय की गई है जब इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
योगी सरकार की बड़ी परियोजना
गंगा एक्सप्रेसवे का सपना 2019 के कुंभ मेले के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट मंजूरी के बाद साकार होना शुरू हुआ। इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों को तेज कनेक्टिविटी देना है।
सोरांव तहसील के गांव जैसे पश्चिमनारा, पूरबनारा, जलियासई, और गिरधरपुर गोडवा जैसे इलाकों से यह एक्सप्रेसवे गुजरता है। कुल मिलाकर करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में यह सड़क इन गांवों को जोड़ते हुए मेरठ तक पहुंचेगी।
औद्योगिक गलियारे के लिए भी तैयारियां तेज
गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही एक औद्योगिक गलियारा भी विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस गलियारे के लिए सरकार ने 166 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है, जिसमें से 65 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
यूपीसीडा द्वारा निर्माण कार्य की निगरानी लगातार की जा रही है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जानकारी दी कि एक्सप्रेसवे का कार्य लगभग समाप्ति की ओर है और जो भी छोटी मोटी दिक्कतें हैं, उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
ट्रैफिक में होगी बड़ी राहत
गंगा एक्सप्रेसवे चालू होने से प्रयागराज से मेरठ तक के बीच ट्रैफिक का दबाव कम होगा। खासतौर पर व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, क्योंकि कम समय में सामान और लोग पश्चिम उत्तर प्रदेश तक पहुंच पाएंगे।
लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए भी यह रास्ता राहत देने वाला साबित होगा। एक्सप्रेसवे के जरिए वे पहले की तुलना में घंटों की बचत कर पाएंगे, जिससे यात्रा आसान और किफायती हो जाएगी। इससे आसपास के गांवों में छोटे और बड़े उद्योगों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।












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