जो दिन में बताती थीं महिलाएं वैसा ही रात में करते थे पुरुष
ये एक गिरोह बनाकर काम करते हैं, बच्चे और महिलाएं इस काम में ज्यादा इंपोर्टेंट हैं क्योंकि जैसा वो दिन में बताती हैं वैसा ही पुरुष रात को किया करते हैं।
इलाहाबाद। महिलाओं और बच्चों के साथ अपने अलग-अलग तरीके से चोरी, लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले मोगिया गैंग को आखिरकार एसटीएफ ने दबोच लिया। इस धरपकड़ में गैंग के 7 सदस्य पकड़े गए हैं। अब पूछताछ के बाद इनके साथियों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ के एडिश्नल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने मीडिया के सामने बदमाशों को पेश करते हुए इनके शातिर तरीके की भी जानकारी साझा की है। एसटीएफ के मुताबिक मोगिया गैंग नाम के पीछे मोगिया जाति के लोग हैं। मोगिया जाति के आपराधिक लोगों ने अपना गैंग बना लिया और चोरी के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देने लगे। गैंग में छोटे बच्चे, महिलाएं सब घूम-घूमकर चोरियां करते हैं।

चौंकाने वाला है तरीका
ये तरीका इन्हें पकड़े जाने से बचा लेता था। वारदात को अंजाम देने में ये महिलाओं और छोटे बच्चों का इस्तेमाल करते थे। जिससे इनके पकड़े जाने का डर कम होता था। यानी इलाहाबाद के किसी जगह चोरी की तो अगली चोरी कौशांबी में फिर प्रतापगढ़, मिर्जापुर आदि कई शहरों में करते हैं। मोगिया गैंग किसी वीरान इलाके में सड़क किनारे टेंट लगाकर रहते हैं। गिरोह की महिलाएं चूड़ी बेचने के बहाने गांवों में जाती है। यहां वो घरों की रेकी करती हैं। फिर घर की टोह और रास्तों की जानकारी लेकर पुरुषों को बताती हैं। रात में पुरुष डकैती की घटना को अंजाम देते हैं। ये गैंग भीड़-भाड़ वाले रेलवे स्टेशन, बजार, मंडी और बैंकों में समूह बनाकर रेकी करते हैं और फिर वारदात को अंजाम देता हैं।

इस तरह करते थे...
10 से 12 साल के बच्चों को बैंक भेजा जाता है। ये हाथ की सफाई दिखाने से लेकर ज्यादा रुपए निकालने वाले की सूचना गिरोह तक भेजते हैं। फिर सड़क पर दस-दस रुपए का नोट गिराकर किसी को भी अपना शिकार बना लेते हैं। पुलिस के मुताबिक मोगिया गैंग ने इलाहाबाद, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, मिर्जापुर, भदोही, कौशांबी और वाराणसी में सैकड़ों वारदातों को अंजाम दिया है। लंबे समय से इनकी तलाश जारी थी। मुखबिर की सूचना पर इलाहाबाद पुलिस के साथ एसटीएफ ने शंकरगढ़ के कपूरी मोड़ के पास से मोगिया (पारदी) गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

इन शहरों में था आतंक
गैंग का सरगना सलमान सिंह, प्रीत कुमार, राकेश, संतोष, बहादुर, मजनू और इंद्रेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से कैश, चोरी की बाइक, मोबाइल और हथियार भी बरामद हुआ है। पुलिस को इनकी तलाश लंबे समय से थी और उससे खास ये जानना था कि मोगिया गैंग आखिर किस तरह लूट की घटना को अंजाम देता है। जो बिना धरपकड़ के समझना मुश्किल लग रहा था।












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