• search
For uttar-pradesh Updates
Allow Notification  

    गर्म कपड़े पाकर बाढ़ पीड़ितों के खिले चेहरे, आप भी कर सकते हैं सहायता

    By Gaurav Dwivedi
    |

    बहराइच। पुलिस और स्वयंसेवी संस्था की तरफ से सोमवार को घाघरा की कटान से विस्थापितों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े वितरित किए गए। जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। सभी ने NGO के सदस्यों व पुलिस कर्मियों को खुलेमन से दुआएं दीं। महसी तहसील में हर साल घाघरा नदी की बाढ़ व कटान से हजारों परिवार बेघर हो जाते हैं। प्राशसनिक उदासीनता के कारण ये ग्रामीण तटबंधों पर रहने को मजबूर होते हैं। सोमवार को हैप्पी नेचर वेलफेयर संस्था ने सहयोग के लिए कदम बढ़ाया और मुरौव्वा गांव में गर्म कपड़े बांटें। मुख्य अतिथि सीओ रिसिया श्रेष्ठा सिंह रहीं।

    Flood Victims in Bahraich feel relaxed with this help

    इस मौके पर संस्था के प्रमुख सचिव प्रद्युम्न यादव व सीओ रिसिया ठाकुर श्रेष्ठा ने कहा कि पुलिस प्रशासन भी गरीबों, असहायों और आपदा प्रभावितों के सहयोग की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जब यहां के क्षेत्रवासी भीषण बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे थे, तब उनकी महसी में ही तैनाती थी। उन्होंने सब का दुख दर्द अपनी आंखों से देखा है और उन्हें उनसे हमदर्दी है।

    संस्था की सदस्य प्रिया सक्सेना ने इस गांव में हर महीने निशुल्क चिकित्सा कैंप के आयोजन का आश्वासन दिया। इस मौके पर करीब 90 महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को संस्था की ओर से गर्म कपड़े वितरित किए गए।

    Read more: उठिए, इंडियन रोटी बैंक आपके वास्ते खाना लेकर आया है...

    अधिक उत्तर प्रदेश समाचारView All

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Flood Victims in Bahraich feel relaxed with this help
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more