BHU हॉस्पिटल में डॉक्टर की जानलेवा लापरवाही, महिला का ऑपरेशन कर पेट में छोड़ दी 5 सुई
वाराणसी। वैसे तो आपने डॉक्टरों की लापरवाही के कई किस्से सुने होंगे लेकिन जो लापरवाही हम आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। मामला पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल से जुड़ा है जहां एक महिला की नसबंदी के ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने लापरवाही करते हुए महिला के पेट में एक दो नहीं बल्कि पांच सुई छोड़ दी। गलती का एहसास होने के बाद डॉक्टरों ने दो सुई तो निकाल दी है लेकिन 3 अभी भी महिला के पेट में हैं जो महिला की जिंदगी के लिए खतरा बन चुकी है।

पति ने ली पुलिस की शरण
मामला सर सुंदरलाल अस्पताल के प्रसूति विभाग से जुड़ा है। चंदौली की रहने वाली रीना द्विवेदी के पति विकास द्विवेदी ने बताया कि अपनी पत्नी की दोनों डिलीवरी बीएचयू अस्पताल में ही कराई थी। पहली डिलीवरी होने के बाद ही पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत थी जिसका इलाज उसने कराया उसी के बाद दूसरे बेटे का जन्म भी बीएचयू में ही हुआ। इसके बाद उसने 10 फरवरी 2017 को पत्नी की नसबंदी कराने के लिए बीएचयू के प्रसूति विभाग में उसका ऑपरेशन कराया।

नसबंदी के ऑपरेशन में डॉक्टर का कारनामा
ऑपरेशन के कुछ दिन बाद पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत रहने लगी। उसने अपनी पत्नी को वापस प्रसूति विभाग की हेड को दिखाया जहां एक्सरे में पता चला कि पेट में डॉक्टर की लापरवाही से 5 सुई अन्दर ही रह गयी है। पति ने आरोप लगाया कि यह पता चलते ही डाक्टर ने हमें धमकाया और चिकित्सालय के ही एक दूसरे डाक्टर के पास भेज दिया जिन्होंने मेरी पत्नी का ऑपरेशन किया। पति ने बताया कि डॉक्टर ने पहले हमसे वादा किया कि वो सारी सुई निकाल देंगे पर उन्होंने सिर्फ 2 ही सुई निकाली और 3 पेट में ही छोड़ दिया तथा हमें वहां से भगा दिया। इसके बाद मेरी पत्नी की तबियत खराब रहने लगी। हमने थक हारकर आज न्याय दिलाने की लंका थाने में तहरीर देकर गुहार लगाई है।

पुलिस में खानापूर्ति में जुटी
हलांकि जब इस पूरे प्रकरण पर हमने बीएचयू के पीआरओ राजेश सिंह से बात की तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। राजेश सिंह ने कहा कि अगर उनको तकलीफ है तो वह हमारे पास आएंगे ना कि थाने पहुंचेंगे। फिलहाल राजेश सिंह ने इन सारे आरोपों को निराधार बताते हुए डॉक्टरों पर लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पीड़ित हमारे पास नहीं आया है और ना ही हम से कोई शिकायत की है इसलिए यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। वहीं एसओ लंका का कहना है कि तहरीर सीएमओ को भेजी गई है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।












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