Farrukhabad Prisoner Lakhpati: उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी अचानक बना 'लखपति', तरीका जान उड़ जाएंगे होश
Farrukhabad Prisoner Became Lakhpati: उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले की जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां बंद कैदी कुलदीप सिंह ने अपनी मेहनत और समर्पण से एक अनोखी मिसाल कायम की है।
जेल में रहते हुए कानूनी सलाह और साथी कैदियों के लिए पत्र लेखन में मदद करने के बदले में उन्हें 1.04 लाख रुपये का पारिश्रमिक मिला है। यह राशि उसे कानूनी सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority) से प्राप्त हुई है।

कानूनी सहायता के माध्यम से लखपति बने कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह, जो एक स्नातक हैं और हत्या के दोषी के रूप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, नवंबर 14, 2017 से जेल में बंद हैं। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद द्वारा सिंह को याचिकाएं लिखने में कैदियों की सहायता करने के लिए नियुक्त किया गया था। उनकी समर्पित सेवा और कड़ी मेहनत को देखते हुए, उन्हें बाद में 19 मई, 2022 को जेल में स्थापित कानूनी सहायता क्लिनिक में एक पैरा-लीगल स्वयंसेवक के रूप में नियुक्त किया गया।
कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार के अनुसार, सिंह की मेहनत का फल उन्हें 1.04 लाख रुपये के रूप में मिला, जो उनके बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए। सिंह के लिए यह एक बड़ा क्षण था, जब उन्होंने बैंक स्टेटमेंट में इतनी बड़ी राशि देखी।
अन्य कैदियों के लिए प्रेरणा
जेल अधीक्षक मुकुंद ने कहा कि कुलदीप सिंह के इस विकास ने अन्य कैदियों को भी मेहनत करने और अपनी क्षमता का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया है। जेल में पैरा-लीगल स्वयंसेवक कैदियों की मदद करते हैं जो कानूनी सहायता नहीं ले सकते। वे उन्हें कानूनी सलाह, याचिकाओं की तैयारी और अन्य आधिकारिक कार्यों में सहायता करते हैं। यह सेवा कैदियों के लिए नि:शुल्क होती है, जबकि पैरा-लीगल स्वयंसेवकों को कानूनी सेवा प्राधिकरण से पारिश्रमिक दिया जाता है।
कैदियों की कमाई का उपयोग
कई कैदी अपनी इस कमाई का उपयोग अपने परिवारों का समर्थन करने, बच्चों की स्कूल फीस चुकाने और कानूनी खर्चों को पूरा करने के लिए करते हैं। कुछ कैदियों ने जुर्माना भरकर जेल से रिहाई भी प्राप्त की है। जो कैदी अभी भी जेल में हैं, वे अपने परिवारों को जिला मजिस्ट्रेट और डीएलएसए सचिव द्वारा वितरित चेक के माध्यम से पैसे भेजते हैं।
कुलदीप सिंह की पृष्ठभूमि
कुलदीप सिंह की पृष्ठभूमि की बात करें तो 2008 में किसी ने उनके दादा पर हमला किया था, जिससे गुस्से में आकर, 20 साल की उम्र में, सिंह ने हमलावर पर पलटवार किया और उस घटना में हमलावर की मौत हो गई। इसके बाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
जेल अधिकारियों के अनुसार, पहले किसी कैदी को दी गई सबसे अधिक भुगतान राशि 50,000 रुपये थी, लेकिन सिंह को दी गई 1.04 लाख रुपये की राशि ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
जेल की वर्तमान स्थिति
फर्रूखाबाद की जिला जेल में इस समय 677 कैदी हैं, जिनमें से 80 कैदी विभिन्न मामलों में दोषी करार दिए गए हैं। कुलदीप सिंह को उनकी कानूनी सेवाओं के बदले में दी गई राशि अब तक कैदियों को दी गई सबसे बड़ी राशि है।
-
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
IPS LOVE STORY: प्यार के आगे टूटी जाति की दीवार! किसान का बेटा बनेगा SP अंशिका वर्मा का दूल्हा -
T20 World Cup फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची खलबली, फैंस हैरान -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
IND vs NZ Final: फाइनल से पहले सन्नाटे में क्रिकेट फैंस! आज अपना आखिरी मैच खेलेंगे कप्तान सूर्यकुमार यादव? -
UPSC में 301 रैंक पर 2 आकांक्षा सिंह! ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या वाराणसी की डॉक्टर-कौन हुआ पास, क्या है सच? -
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद दिया इंटरव्यू, रूला देगी UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की कहानी -
IAS IPS Love Story: 'ट्रेनिंग के दौरान कर बैठे इश्क',कौन हैं ये IAS जिसने देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की Job? -
IND vs NZ: 'झूठ बोल रहा है!' सेंटनर के बयान पर सूर्यकुमार यादव का पलटवार, फाइनल से पहले गरम हुआ माहौल -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 8 March: आज के मैच का टॉस कौन जीता- भारत vs न्यूजीलैंड












Click it and Unblock the Notifications