यूपी: अधिकारियों पर मृतक कांस्टेबल के परिवार ने लगाया आरोप, बार-बार करते थे अपमानित
हरदोई। यूपी पुलिस विभाग में मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन पुलिस विभाग में खुदकुशी की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में हरदोई पुलिस कांस्टेबल आत्महत्या मामला भी तूल पकड़ता नजर आ रहा है। 2 दिन पूर्व सिपाही संदीप यादव द्वारा पुलिस लाइन क्वार्टर में फांसी लगाने का मामला प्रकाश में आया था। रविवार देर रात संदीप यादव का अंतिम संस्कार हुआ। जिसके बाद संदीप यादव के परिजनों का गुस्सा पुलिस विभाग पर फूट पड़ा और परिवार ने पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप भी लगाए। परिजनों का कहना है कि दो-तीन महीने पूर्व एसओ द्वारा अपमानित किए जाने के बाद से संदीप डिप्रेशन में चल रहा था। जिस कारण उसने खुदकुशी करने का फैसला किया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि पहले मृतक को एसओजी से जानबूझकर निकलवाया गया। इसके बाद जब संदीप ने दोबारा वापसी करनी चाही तो उसे इंचार्ज के सामने बेइज्जत किया गया और बहाली नहीं दी गई। जिसके संबंध में संदीप यादव के परिजन और उसके भाई ने पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आपको बता दें कि बीते शनिवार को संदीप यादव का शव सिविल लाइन्स के क्वार्टर में फंदे पर लटकता हुआ मिला था। सिपाही की मौत को लेकर किए गए सवाल पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एसओ अरुणेश कुमार गुप्ता के ऊपर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अरुणेश कुमार गुप्ता ने करीब 5 माह पूर्व एक विवाद के बाद संदीप को एसओजी से निकलवा दिया था। इसके बाद से वह लाइन हाजिर चल रहा था। जिसके बाद उसने वापसी का प्रयास भी किया पर कोई फायदा नहीं हुआ। तेजतर्रार होने की वजह से कुछ दिनों पूर्व वर्तमान एसओजी इंचार्ज हरदोई आलोक सिंह ने जब एसओ सांडी से संदीप को एसओजी में लाने के लिए कहा तो इसपर एसओ सांडी भड़क गए। एसओ संदीप को सबके सामने भला-बुरा कहने लगे और एसओ ने संदीप को निकल जाने तक के लिए कह दिया। इस घटना के बाद संदीप यादव डिप्रेशन में चला गया। शनिवार की देर रात उसने पुलिस लाइन बैरंग में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए अगर हरदोई पुलिस से न्याय नहीं मिलता है तो वे मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाएंगे।

सिपाही संदीप यादव की मौत किन कारणों से हुई जांच टीम इस बात को लेकर संदीप के मोबाइल फोन पर निर्भर है। जांच टीम को उम्मीद है कि संदीप के फोन से उन्हें कुछ मुख्य जानकारी प्राप्त हो सकती है। अभी तक पुलिस विभाग के द्वारा मीडिया कर्मियों को इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। जबकि प्रथम धृष्टता संदीप यादव की जब मौत हुई थी उसका मोबाइल ठीक सामने रखा हुआ था। मौत का वीडियो शायद उसके द्वारा बनाया गया हो, मौत का कारण मोबाइल में कैद हुआ हो, इन तमाम सवालों को लेकर जब मीडियाकर्मी पुलिस अधीक्षक से बात करते हैं तो वह कोई भी जवाब ना देकर जल्द ही कार्रवाई करने की बात कहते हैं।
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