ठेले पर लादकर बीवी को ले गया था अस्पताल, ऑपरेशन के बाद हुआ हैरतअंगेज खुलासा
कन्नौज। उत्तर प्रदेश में कन्नौज की सदर कोतवाली अंतर्गत जीटी रोड स्थित चर्चित अर्शी अस्पताल के संचालक डॉक्टर मुशीर अहमद पर मुकदमा दर्ज हो गया। उसके बाद से वह गायब हो गए हैं। शासन तक मामला पहुंचने के बाद हुई जांच में एसडीएम सदर को अस्पताल में कई खामियां मिलने के बाद कार्रवाई हुई है। मुकदमा पत्नी को ठेला पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले पति की तरफ से दर्ज कराया गया है। पीड़ित ने अफसरों को पत्नी का इलाज अर्शी अस्पताल में कराने से हालत बिगड़ने की जानकारी दी थी।

इस केस से हुआ पर्दाफाश
कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर कटरा निवासी अनुज कुमार दोहरे ने बताया कि 30 मार्च को पत्नी सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर शहर के अर्शी हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति बताकर ऑपरेशन किया। इसमें बच्चे की मौत हो गई जबकि अधिक खून बहने पर पत्नी की बच्चेदानी निकालनी पड़ी जिससे पीड़िता अब जीवन में कभी भी मां नहीं बन सकेगी। आरोप है कि 15 दिन भर्ती रखने के बाद उसकी पत्नी को छुट्टी दे दी गई। इस दौरान करीब 1.12 लाख रुपये खर्च हो गए। पत्नी की दोबारा तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लेकर बहन के साथ पहुंचे तो अभद्रता की गई।

इन धाराओं में मुकदमा हुआ दर्ज
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट, धोखाधड़ी, मेडिकल काउंसिल अधिनियम 1956-15 के अंतर्गत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगते ही डॉ. मुशीर अहमद अस्पताल से गायब हो गया है। वरिष्ठ उप निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी गई थी लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। अस्पताल को सीज कर दिया गया है।

पकड़ा गया झूठ
सदर एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने जांच रिपोर्ट में बताया है कि पीड़ित अनुज कुमार दोहरे की पत्नी का ऑपरेशन नर्सिंग होम के संचालक डा. मुशीर अहमद ने किया था जबकि डॉक्टर मुशीर का कहना है कि सोनी का ऑपरेशन डा. केके जयसवाल व निश्चेतक डा. रवीन्द्र कुमार ने किया था। एसडीएम ने जब दोनों चिकित्सकों से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने इस तरह का ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। इससे डॉक्टर मुशीर का झूठ पकड़ा गया। डॉक्टर मुशीर पेश से लैब टेक्नीशियन है।

जब कुछ देर रुकना पड़ा एसडीएम को
जिलाधिकारी के आदेश पर सदर एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने तहसीलदार आरके राजवंशी के साथ शनिवार को अर्शी हास्पिटल का निरीक्षण किया था। यहां संचालक डॉ. मुशीर के बारे में पूछने पर नर्स ने ऑपरेशन थियेटर में होने की जानकारी दी। एसडीएम जब ऑपरेशन थियेटर के बाहर पहुंचीं तो महिला की प्रसव पीड़ा पर ऑपरेशन होने की बात पता चली। ऑपरेशन की वजह से एसडीएम को कुछ देर रुक कर इंतजार भी करना पड़ा। उन्होंने बताया कि डॉ मुशीर के साथ नर्स तबस्सुम व कंपाउडर ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकले। कोई प्रसूति रोग विशेषज्ञ भी साथ नहीं थीं।

पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
अर्शी हास्पिटल पहले भी विवादों के घेरे में रह चुका है। कुछ साल पहले यहां जच्चा-बच्चा की मौत पर काफी बवाल हुआ था। उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचने पर जांच की गई। इसके बाद विभागीय अफसरों व राजनीतिक दबाव पड़ने पर मामले को दबा दिया गया था। संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब इस बार सदर एसडीएम के निरीक्षण के बाद डॉक्टर मुशीर ने फोन लगाकर किसी राजनीतिक दल के नेता से उनको समझाने का हवाला भी दिया था। हालांकि इस बार अफसर सख्त रुख अख्तियार कर चुके हैं।












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