अपराधियों को तेजी से पकड़ने में मदद करेगा Crime GPT...जानिए क्या है UP Police का नया फॉर्मूला
Crime GPT UP POLICE: यूपी पुलिस ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड टूल चैट जीपीटी की तर्ज पर क्राइम जीपीटी तैयार किया है। इस तकनीक को स्टैक टेक्नोलॉजी ने बनाया है, इससे पुलिस को अपराधियों के बारे में सटीक जानकारी जुटाने में काफी मदद मिलेगी।
अपराधियों को तेजी से पकड़ने के लिए यूपी पुलिस अब क्राइम जीपीटी का इस्तेमाल कर रही है। यूपी सरकार और स्पेशल टास्क फोर्स की मदद से स्टैक टेक्नोलॉजीज द्वारा बनाया गया यह नया टूल अपराधियों को पकड़ने में मदद करेगा।

क्राइम जीपीटी अपराधियों के डिजिटल डेटाबेस की जांच करके काम करता है। यह लिखित या मौखिक प्रश्नों का उपयोग करके विशिष्ट लोगों के बारे में तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसमें चेहरों,आवाजों को पहचानने और यहां तक कि आपराधिक गिरोहों का विश्लेषण करने जैसी शानदार विशेषताएं हैं।
मिलेगी अपराधियों की सटीक जानकारी
स्टैक टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक और सीईओ अतुल राय क्राइम जीपीटी को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि "यह टेक्नोलॉजी के साथ सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा कंपनी के लक्ष्य से मेल खाता है। क्राइम जीपीटी के साथ, पुलिस को अपराधियों के बारे में सटीक जानकारी मिल सकती है, जिससे उन्हें पकड़ना आसान हो जाता है।"
उन्होंने कहा,"हमारी दीर्घकालिक दृष्टि एडवांस टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित एक मजबूत सुरक्षा बुनियादी ढांचे के इर्द-गिर्द घूमती है और क्राइम जीपीटी इस दृष्टि से पूरी तरह मेल खाता है। डिजीटल अपराधिक डेटाबेस के साथ इंटरफेस करके, क्राइम जीपीटी लिखित और ऑडियो इनपुट दोनों का उपयोग करके लक्षित व्यक्तियों पर सटीक विवरण प्राप्त करने के लिए कानून प्रवर्तन के लिए अनुरूप खोज की सुविधा प्रदान करता है।
यह त्रिनेत्र पर हमारे काम का विस्तार है जिसे यूपी पुलिस विभाग द्वारा अपनाया गया है और सुरक्षा कैमरों के साथ एकीकरण के माध्यम से तैनात किया गया है। हमें मातृभूमि सुरक्षा के साथ काम करने पर गर्व है और हमें उम्मीद है कि हम सुरक्षा परिदृश्य को मजबूत करने के लिए यूपी सरकार के साथ अपने सहयोगात्मक संबंधों को मजबूत करते रहेंगे।












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