वाराणसी में शुरू होगा देश का पहला शहरी Rope-way परिवहन, काशी विश्वनाथ मंदिर समेत ये इलाके कवर होंगे
वाराणसी, 3 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव क्षेत्र वाराणसी आने वाले दिनों में दुनिया का ऐसा तीसरा शहर बनने जा रहा है, जहां रोप-वे का इस्तेमाल शहरी परिवहन के लिए किया जाएगा। करीब 424 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के तैयार होते ही वाराणसी के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके से गुजरना उतना ही सुगम हो जाने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात ये है कि एक बार प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह सेवा रात में भी उपलब्ध रहेगी और इससे जुड़े स्टेशनों पर पहुंचते ही पर्यटकों या स्थानीय निवासियों को बनारस की हर झलक दिखाई पड़ेगी। इस सेवा के शुरू होने के बाद तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर और दश्वाशमेध घाट तक जाना बहुत ही आरामदायक और कम खर्चीला हो जाने की उम्मीद है।

वाराणसी में देश का पहला शहरी रोप-वे परिवहन शुरू होगा
वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) से गोदौलिया चौराहे तक देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे के निर्माण का प्रस्ताव है, ताकि इस बहुत ज्यादा भीड़भाड़ इलाके में लोगों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके। जानकारी के मुताबिक 424 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने वाला है। एक बार इस रोप-वे सेवा की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर और दश्वाशमेध घाट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। कैंट रेलवे स्टेशन मुख्य टर्मिनल होगा और साजन तिराहा, रथयात्रा और गोदौलिया (गिरिजाघर चौराहै) अन्य स्टेशन होंगे। ये सारे इलाके बनारस के आकर्षण का केंद्र हैं।

लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा
वाराणसी रोप-वे से 4.2 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी और उम्मीद है कि इससे टूरिस्ट और स्थानीय लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा, साथ ही साथ ट्रैफिक जाम की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। बता दें कि बनारस दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। वाराणसी डेवलपमेंट अथॉरिटी की वाइस-चेयरमैन ईशा दुहन ने कहा है, 'बोलीविया और मेक्सिको सिटी के बाद भारत तीसरा देश और वाराणसी पहला शहर होगा जो रोप-वे का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए करेगा।' उन्होंने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट को जापान में क्योटो की तर्ज पर अत्याधुनिक तरीके से विकसित किया जा रहा है।(पहली दोनों तस्वीर- सांकेतिक)

15 मिनट में तय की जा सकेगी 4.2 किलोमीटर की दूरी
एक बार रोप-वे सेवा शुरू हो जाने के बाद से 4.2 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी। करीब 220 ट्रॉली कार लगभभ 45 मीटर की ऊंचाई पर चलेगी। प्रत्येक केबल कार में 10 यात्रियों के लिए बैठने की सीट होगी। ये कार 90 सेकंड से लेकर दो मिनट के अंतराल पर गुजरेंगी। एक बार में करीब 4,000 लोग एक दिशा में यात्रा कर सकेंगे। ट्रॉली कार में यूरोप के स्टैंडर्ड के सुरक्षा इंतजाम होंगे। रोप-वे के स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर एस्केलेटर लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

काशी की कला और संस्कृति की भी झलक दिखेगी
खास बात ये है कि वाराणसी में यह रोप-वे सेवा रात के समय में भी उपलब्ध होगी। इस प्रोजेक्ट के निर्माण पर आने वाली लागत को केंद्र और राज्य सरकार के बीच 80:20 के अनुपात में बांटा जाएगा। वाराणसी डेवलपमेंट अथॉरिटी की वाइस चेयरमैन के मुताबिक रोप-वे के सभी स्टेशनों पर काशी की कला, धर्म और संस्कृति की झलक दिखाई पड़ेगी।












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