इलाहाबाद में अपने अंदाज से बिल्कुल अलग नजर आए योगी आदित्यनाथ , हो रही चर्चा
योगी ने पीएम मोदी की मौजूदगी में कहा कि कानून से उपर नहीं है। इससे वह अपनी गोरखपुर की उस छवि को धुलते नजर आये।
इलाहाबाद । इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थापना दिवस समापन समारोह में आज सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेबाक अंदाज नजर नहीं आया। उनके भाषण में वह तल्खी और धार नहीं दिखी जो हमेशा नजर आती थी। हमेशा अपने अलग अंदाज के लिये जाने जाने वाले योगी आज बदले से नजर आये। उन्होंने आज लिखा हुआ भाषण बोला। हर शब्द वह कागज के पन्नों पर पढकर अक्षरशः बोलते रहे।

अपने संक्षिप्त भाषण में योगी ने इस बात का पूरा ख्याल रखा कि आज वह तालियों के लिये भाषण नहीं कर रहे। बल्कि देश की सर्वोच्च सख्शियत के सामने बतौर सीएम बोल रहे हैं। योगी न तो आज जय श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आये और न ही मंच से ऐसे कोई संकेत दिये जिससे उनकी पुरानी छवि के दर्शन हो सके। योगी ने पीएम मोदी की मौजूदगी में कहा कि कानून से उपर नहीं है। इससे वह अपनी गोरखपुर की उस छवि को धुलते नजर आये। जहां उनका ही नियम कानून होता है और हर कानून वही बन जाते थे। फिलहाल सीएम के इस बदले अंदाज की खूब चर्चा हो रही है और हो भी क्यों न आखिरकार योगी ने अपनी दूसरी छवि से लोगों को परिचित कराना शुरू कर दिया है।
कई मुद्दों पर बोले योगी
सीएम योगी ने कानून पर अपनी बातें कहीं और उसे राजा से बड़ा बताया तो यह जताने से भी नहीं भूले कि जब शासक भटक जाये या लोकतंत्र पर संकट आये तो न्यायालय उस पर हस्तक्षेप कर स्थिति से उबारे। योगी ने जेल में बंद कैदियों को लेकर बडा संकेत दिया है। खासकर विचाराधीन कैदियों के मामले में, संभव है न्यायपालिका के साथ वह इस मुद्दे पर बड़े कदम उठाये। क्योंकि सीएम योगी ने लंबित मुकदमों पर भी चिंता व्यक्त की है और केन्द्र सरकार से न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये मिले धन का प्रयोग भी न्यायालय से विचार-विमर्श के बाद करेंगे।












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