योगी का फरमान- सरकारी दफ्तरों में पान गुटखा खाकर आना करें बंद, प्लास्टिक पर भी लगा बैन
सरकार बनने के बाद ताबड़तोड़ फैसले किए जा रहे हैं ताकि जनता को लाभ हो सके। इसी कड़ी में बुधवार को सीएम योगी ने यूपी के अधिकारियों को लताड़ लगाई।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अफसर अब पान गुटखा खाकर दफ्तर में नहीं आ सकेंगे। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी कार्यालयों में अफसर पान-गुटखा खा कर ना आएं। आदित्यनाथ ने यह आदेश एनेक्सी में निरीक्षण के दौरान दिया। इस निर्देश के बाद प्रदेश के प्रदेश के सभी दफ्तरों में पान गुटखा खाकर आने पर रोक लग गई है।

मैं ऐसे ही आता रहूंगा
बुधवार को ही योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि फाइलों का जल्द निस्तारण किया जाए। योगी ने फाइले लटकार कर रखने के लिए अधिकारियों को सख्त आदेश दिया। योगी ने कहा कि फाइल कब आई और उसका निस्तारण हुआ, इसकी तारीख लिखी जाए। फाइलों के निस्ताररण की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। इस दौरान आदित्यनाथ ने ने मॉनीटरिंग सेल,मुख्य सचिव कार्यालय,गृह विभाग के कार्यालयों,पंचम तल शास्त्री भवन पर अपने कार्यालय का निरीक्षण किया। योगी ने एनेक्सी निरीक्षण के दौरान कहा कि इसे औपचारिक दौरा ना माना जाए, मैं ऐसे ही आता रहूंगा।

केशव ने कहा...
इसी मसले पर राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सीएम ने एनेक्सी का निरीक्षण किया और अधिकारियों को एनेक्सी तथा राज्य की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम ने सलाह दी है कि अफसर सरकारी कार्यालयों में पान मसाला, गुटखा खाकर ना आएं साथ ही दफ्तरों में प्लास्टिक का प्रयोग भी ना करें।

इससे पहले दिये थे ये आदेश
इससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण के बाद ही कामकाज में तेजी दिखाई थी। सीएम योगी ने सोमवार (20 मार्च) सुबह शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से मीटिंग की उसके बाद दोपहर में प्रदेश के सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक की थी। सोमवार सुबह ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस में राज्य के डीजीपी जावीद अहमद के साथ मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए 15 दिनों के अंदर ब्लूप्रिंट देने को कहा। इसके साथ ही इलाहाबाद में हुई बीएसपी नेता की हत्या के मामले में तत्काल एक्शन लेने को कहा था। एंटी रोमियो स्कॉड भी खूब कार्रवाई कर रहा है।

बूचड़खानों पर कार्रवाई
इलाहाबाद में दो बूचड़खाने रविवार रात (19 मार्च)बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ये बूचड़खाने अवैध थे। योगी आदित्यनाथ पहले भी बूचड़खाने बंद करने की बात कहते रहे हैं। इसके बाद अलीगढ़, वाराणसी, मेरठ और कई जिलों में कार्रवाई कर अवैध बूचड़खानों को बंद किया गया। हालांकि कारोबारियों का मानना है कि इससे राजस्व का नुकसान तो होगा ही हजारों परिवारों की रोजी भी छिनेगी।

सचिवों के साथ बैठक
योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दोपहर ही प्रदेश के सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक की थी। बैठक में डिप्टी सीएम केशव मौर्य और दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। सीएम योगी ने सभी अधिकारियों से 15 दिनों के अंदर संपत्ति और इनकम टैक्स का ब्यौरा मांगा था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से बैठक में बीजेपी का संकल्प पत्र ध्यान से पढ़ने और उसे लागू करने की हिदायत दी थी। योगी ने अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए थे।

मंत्रियों को दी थी सलाह
सीएम योगी ने मंत्रियों को बिना वजह की बयानबाजी से बचने की हिदायत दी थी साथ ही मीडिया से संपर्क न करने को भी कहा गया है। सरकार के कामकाज की जानकारी देने के लिए श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थ नाथ सिंह को नियुक्त किया गया है। सीएम योगी यूपी के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 5 कालिदास मार्ग स्थित बंगले में शिफ्ट होने के पहले गोरखपुर से आए सात पंडितों ने घर के शुद्धिकरण के लिए पूजा की थी। योगी ने फैसला लिया था प्रदेश सरकार के किसी मंत्री को लाल बत्ती प्रयोग नहीं करनी होगी। हालांकि इस फैसले का विरोध खुद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने किया था।












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