यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल की ये तस्वीरें बिहार को भी कर रही फेल!
यूपी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में जमकर नकल हो रही है। इसकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसको देखकर आप भी हैरत में पड़ सकते हैं।
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड के गढ़ यानी इलाहाबाद में नकलविहीन परीक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में खुल्लमखुल्ला नकल करायी जा रही है। बदले में स्कूल प्रबंधन भी परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूल रहा है। खेतों और घरों में प्रश्न पत्र हल हो रहे हैं, कार्बन कापी परीक्षार्थियों में धड़ाधड़ बंट रही है। स्कूल के अंदर के हालत तो बिगड़े ही हैं। स्कूल के बाहर परीक्षार्थियों के परिजनों में नकल कराने को लेकर मारामारी मची है।

इलाहाबाद का लाचार चेहरा
16 मार्च से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में सिलसिलेवार ढंग से सैकड़ों नकलची पकड़े जा रहे हैं। नकल रोकने में इलाहाबाद की व्यवस्था लाचार है।

इलाहाबाद में मांडा का मंगला प्रसाद इंटरमीडिएट कालेज, नागरिक इण्टर कालेज जंघई , राज बहादुर सिंह इण्टर कालेज करौरा , आरपी रस्तोगी इंटर कालेज शिवपुर मलाक हरहर , वैष्णवी हायर सेकेंड्री स्कूल बारा , पब्लिक इंटर कालेज मोतिहा हंडिया, कमला अग्रहरि बालिका इंटर कालेज जारी बाजार , नवोदित विद्यालय पगुवार शंकरगढ़ , कृषक इण्टर कालेज कसौटा , शंभू चक गांव स्थित भगवान दीन सिंह इंटरमीडिएट स्कूल , तेंदुआ गांव स्थित बागेश्वरी देवी इंटर कालेज, बिसहिजन कलां गांव स्थित गायत्री देवी बालिका इंटर कालेज , मेजा रोड स्थित स्वामी अड़गड़ानंद इंटर कालेज ,कठौली गांव स्थित काशी प्रसाद सिंह इंटर कालेज जैसे दर्जनों स्कूलों पर हालात बेकाबू दिखे। यहां प्रशासन मूक दर्शक बना है। सख्ती पर पथराव से भी परिजन गुरेज नहीं कर रहे हैं ।


सरकारी तंत्र फेल
भले ही यूपी की नयी योगी सरकार ने अभी पूरी तरह से तंत्र विकसित और मजबूत न किया हो। लेकिन बूचड़खाने और ऐंटी रोमियो स्क्वॉड से अधिक आवश्यक नकलविहीन परीक्षा कराना है। इस मामले में सरकारी तंत्र फेल नजर आ रहा है।













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