Sanju Samson को कब तक मिलते रहेंगे मौके? क्या अब वैभव सूर्यवंशी का समय आ गया है! छिड़ी बहस
Sanju Samson vs Vaibhav Sooryavanshi: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की खिताबी जीत के हीरो रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन एक बार फिर अपने खराब फॉर्म के कारण चर्चा में हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले सैमसन का बल्ला पिछले तीन मैचों से पूरी तरह खामोश है। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में विफल रहने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में भी वह महज 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
आईपीएल 2026 में लगाया था रनों का अंबार (Sanju Samson vs Vaibhav Sooryavanshi)
इस लगातार खराब प्रदर्शन के बाद क्रिकेट गलियारों में यह बहस तेज हो गई है कि क्या टीम मैनेजमेंट को सैमसन पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, या घरेलू सत्र और आईपीएल 2026 में रनों का अंबार लगाने वाले वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका देना चाहिए। सैमसन के करियर में निरंतरता हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले खराब फॉर्म के कारण उन्होंने प्लेइंग इलेवन से अपनी जगह गंवा दी थी और ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ बतौर ओपनर प्राथमिकता दी जा रही थी।

संजू के फॉर्म पर उठे सवाल
हालांकि, टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता के कारण सैमसन की वापसी हुई। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मस्ट-विन मैच, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में अर्धशतक जड़कर भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2026 में भी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की ओर से खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 165 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए थे।
लेकिन इन शानदार आंकड़ों के बावजूद, अगर वर्ल्ड कप के उन तीन अर्धशतकों को हटा दिया जाए तो पिछली 15 अंतरराष्ट्रीय पारियों में सैमसन के बल्ले से एक भी पचासा नहीं निकला है। इससे पहले उन्होंने साल 2025 के एशिया कप में ओमान के खिलाफ अर्धशतक लगाया था।
वैभव सूर्यवंशी की मजबूत दावेदारी
दूसरी तरफ महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सीनियर टीम के दरवाजे पर लगातार दस्तक दे रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल 2026 में वैभव ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे और 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' (MVP) का खिताब अपने नाम किया था।
आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद क्रिकेट विश्लेषकों का मानना था कि इंग्लैंड के खिलाफ चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने एक बार फिर पुराने संयोजन और सैमसन के अनुभव पर भरोसा जताया, जो फिलहाल सही साबित नहीं हुआ।
चयनकर्ताओं के सामने अनुभव बनाम भविष्य की चुनौती
संजू सैमसन जैसे मैच-विजेता खिलाड़ी को केवल तीन खराब पारियों के आधार पर बाहर करना जल्दबाजी होगी। लेकिन दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी जैसी असाधारण प्रतिभा को बेंच पर बिठाए रखना भी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से सही नहीं कहा जा सकता। आगामी मैचों में टीम मैनेजमेंट के फैसले और सैमसन का प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि भारतीय शीर्ष क्रम का भविष्य क्या होगा।















Click it and Unblock the Notifications