'सिर्फ इस्तीफे से काम नहीं चलेगा', राम मंदिर दान विवाद पर चंपत राय के इस्तीफे के बाद भड़के केजरीवाल
Arvind Kejriwal Demands Probe in Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद के बीच अब राजनीति भी तेज हो गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि केवल इस्तीफा देने से मामला खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कराने, कथित जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने और मामले से जुड़े हर पहलू को सामने लाने की मांग उठाई। केजरीवाल ने जांच की प्रक्रिया और अब तक हुई कार्रवाई पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

इस्तीफे पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की आड़ में उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लिखा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और यदि किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बड़े लोगों पर भी कार्रवाई की मांग
केजरीवाल ने अपने पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि चंपत राय के पीछे जिन लोगों का समर्थन था, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। उनका दावा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो केवल कुछ लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
पुलिस जांच को लेकर भी लगाए आरोप
आम आदमी पार्टी प्रमुख ने यह भी कहा कि जिन लोगों को हाल में गिरफ्तार किया गया, उनकी पुलिस रिमांड नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे यह पूछताछ नहीं की गई कि कथित चोरी का सामान किसे दिया गया, किसके कहने पर यह काम किया गया और बाकी सामान कहां है। केजरीवाल ने दावा किया कि जांच में कई जरूरी सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
बेल और जांच पर जताई आशंका
अपने पोस्ट में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ दिनों बाद गिरफ्तार लोगों को जमानत मिल जाएगी और पूरा मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
शीर्ष नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया कि यह कथित गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी और इसके पीछे शीर्ष स्तर के लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ट्रस्ट ने पहले जारी किया था बयान
इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो चुके हैं। ट्रस्ट ने कहा था कि दोनों इस्तीफों पर अंतिम फैसला आगामी बैठक में लिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई चांदी की ईंटें, सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट के अनुसार दानपात्र से रकम गायब होने के मामले में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है।












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