बसपा नेता राजेश यादव के हत्यारे को तो मरने वाले का बाद में चला पता! गिरफ्तारी पर खुला सच
अगले दिन छात्रों को पता चला कि मरने वाला शख्स राजेश यादव है। जिसके बाद सभी अंडरग्राउंड हो गए। डॉ. मुकुल पूरी तरह संदिग्ध हैं, जिस तरह वो घटनाक्रम के बाद गायब रहे।
इलाहाबाद। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के ताराचंद हॉस्टल के बाहर हुई बसपा नेता राजेश यादव की हत्या का राज खुल गया है। पुलिस ने सीसीटीवी में दिखे संदिग्धों में दो को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने हत्या वाली रात की पूरी कहानी बताई है। एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों युवकों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि राजेश को गोली, छात्र आकाश ने मारी थी। घटना के समय उसके साथ 6 दोस्त भी थे। जिनमे गिरफ्तार अंतेश प्रताप सिंह उर्फ जग्गा और आशुतोष सिंह भी शामिल हैं। ये दोनों प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। जबकि फरार आकाश सुल्तानपुर का रहने वाला है। बाकी सभी की तलाश जारी है।

क्या हुआ था हत्या वाली रात?
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार छात्रों ने बताया कि घटना वाली रात सभी अर्पित सिंह के चुनाव कार्यालय की पार्टी में गए थे। रात करीब सवा दो बजे ताराचंद हॉस्टल से जब छात्र बाहर निकल रहे थे। तभी तेज रफ्तार से फॉर्च्यूनर गाड़ी आई। यहां सड़क चौड़ी नहीं है और तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर की चपेट में आते-आते बड़ी मुश्किल से छात्र बचे थे।
छात्रों ने फॉर्च्यूनर सवार को गालियां दी तो अचानक से फॉर्च्यूनर रुक गई। इसके बाद शीशा खुला तो गालियां उधर से भी आईं। झड़प तेज हुई तो फॉर्च्यूनर चला रहे शख्स ने छात्रों पर गोली चला दी। जवाब में आकाश ने फायर किया। दोनों ओर से धड़ाधड़ गोली चली। इसी दौरान एक गोली राजेश के सीने में लगी। घटना के बाद सभी छात्र भाग निकले जो सीसीटीवी में कैद हो गया।

हत्या के बाद पता चला कौन था शख्स!
अगले दिन छात्रों को पता चला कि मरने वाला शख्स राजेश यादव है। जिसके बाद सभी अंडरग्राउंड हो गए। डॉ. मुकुल का नार्को टेस्ट मामले में पुलिस अधिकारियों ने ये साफ कर दिया है कि वो आरोपी डॉ. मुकुल का नार्को टेस्ट कराएगी। क्योंकि डॉ. मुकुल पूरी तरह संदिग्ध हैं, जिस तरह वो घटनाक्रम के बाद गायब रहे। फिर अचानक अस्पताल में भर्ती हो गए और अब जाने किस बीमारी के चलते वो ठीक भी नहीं हो रहा है। पुलिस का मानना है कि घटना की विवेचना में मुकुल ने सहयोग नहीं किया है। इसलिए नार्को टेस्ट से तहकीकात की जाएगी।

क्या हुआ था 2 अक्टूबर की रात सवा 2 बजे?
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के ताराचंद हॉस्टल के पास बसपा नेता राजेश यादव को गोली मारी गई थी। गोली लगने पर साथ रहे डॉ. मुकुल उन्हें अपने नर्सिंग होम ले गए। जहां राजेश की मौत हो गई। 3 अक्टूबर को बसपाइयों और समर्थकों ने शहर में जमकर उपद्रव किया। राजेश की पत्नी मोनिका ने डॉ. मुकुल पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। डॉ. मुकुल घटना के बाद फरार हो गए। अगले दिन मोनिका ने बाहुबली विधायक विजय मिश्रा पर हत्या का आरोप लगाकर खलबली मचा दी। फिर पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगी। हॉस्टल के गार्ड ने अपना बयान दिया। छात्र नेता पूछताछ के लिए उठाए गए। संदिग्ध छात्रों की पहचान हुई और अब गिरफ्तारी के बाद ये खुलासा हुआ है।












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