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फिर मैदान में अखिलेश-मायावती की जोड़ी, बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर ने भरा पर्चा

यूपी में विधान परिषद के चुनाव का शंखनाद हो चुका है और इसके साथ ही एक और मुकाबले में सपा-बसपा की जोड़ी मिलकर मैदान में उतरेगी।

नई दिल्ली। यूपी में विधान परिषद के चुनाव का शंखनाद हो चुका है और इसके साथ ही एक और मुकाबले में सपा-बसपा की जोड़ी मिलकर मैदान में उतरेगी। गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर ने विधान परिषद के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। नामांकन के समय बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद थे। सतीश चंद्र मिश्रा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि सपा-बसपा के सहयोग से भीमराव अंबेडकर की जीत होगी। सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि इस बार भाजपा कितना भी प्रयास कर ले या अतिरिक्त प्रत्याशी उतार ले, उसके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।

सपा-बसपा के हौंसले बुलंद

सपा-बसपा के हौंसले बुलंद

आपको बता दें कि यूपी के पूर्व सीएम अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया था कि सपा विधान परिषद चुनाव में बसपा उम्मीदवार का समर्थन करेगी। सपा ने बसपा को एक सीट पर समर्थन देने का फैसला किया था। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने गुरुवार को बताया कि पार्टी विधान परिषद चुनाव में दो सीटों के बजाय एक ही सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी और दूसरी सीट पर बसपा का समर्थन करेगी। इससे पहले फूलपुर उपचुनाव में दोनों पार्टियों ने जिस तरह से साथ मिलकर बीजेपी को हराया है, उससे दोनों ही पार्टियों के हौसले काफी बुलंद हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों ही पार्टियां साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगी।

लोकतंत्र के लिए खतरा है भाजपा: अखिलेश

लोकतंत्र के लिए खतरा है भाजपा: अखिलेश

सपा की पूरी कोशिश है कि विधान परिषद में बसपा का एक सदस्य जरूर पहुंचे। गौरतलब है कि प्रदेश विधानमण्डल के उच्च सदन की 13 सीटों पर आगामी 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं, परिणाम भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। एक प्रत्याशी को जीतने के लिए कम से कम 29 मतों की जरूरत होती है और सपा-बसपा दोनों की कोशिश है कि वो मतों के आंकड़े को आसानी से जुटा सकें। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि राष्ट्रहित में इस दल को रोकना जरूरी है, अखिलेश ने कहा कि बीजेपी समाज में कांटे बोती जा रही है और वह लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई है।

 ये है पूरा चुनाव कार्यक्रम

ये है पूरा चुनाव कार्यक्रम

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के चुनाव की तारीखों का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव होगा। ये सभी सीटें पांच मई को खाली हो रही हैं। 9 अप्रैल को विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी। नामांकन की अन्तिम तिथि 16 अप्रैल रखी गई है जबकि 17 व 18 अप्रैल को नामांक़न पत्रों की जांच की जाएगी। 19 अप्रैल नाम वापसी की अन्तिम तिथि तय की गई है जबकि 26 अप्रैल को चुनाव होगा।

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